
बिहार के गांवों में एक अजीब सी आस्था और परंपरा का अद्भुत मिलाजुला रूप देखा जाता है, जहां पीपल के पेड़ के नीचे विराजमान ब्रह्मबाबा का आशीर्वाद लिए बिना कोई भी शुभ कार्य अधूरा माना जाता है. खासकर शादी-ब्याह और दूसरे महत्वपूर्ण अवसरों पर ब्रह्मबाबा का आशीर्वाद लिया जाता है, जो गांव की समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक बन चुके हैं. ऐसे में जानिए, कैसे ये ग्राम देवता गांववासियों के जीवन में एक अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं.

















