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Akshaya Tritiya ke fayde : साल भर में आने वाले ये अबूझ मुहूर्त बेहद ही खास और संपूर्ण फल प्रदान करते हैं. इन मुहूर्त पर हर मांगलिक कार्य निर्विघ्न पूरा हो जाता है. भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है.
अक्षय तृतीया पर प्रेम विवाह का अटूट बंधन
हाइलाइट्स
- अक्षय तृतीया पर बिना मुहूर्त के मांगलिक कार्य करें.
- विजयदशमी, देवउठनी एकादशी, वसंत पंचमी भी शुभ तिथियां हैं.
- प्रेम विवाह के लिए अक्षय तृतीया सबसे शुभ मुहूर्त है.
हरिद्वार. हिंदू धर्म में समय की गणना विक्रम संवत से होती है. संवत यानी हिंदू वर्ष में बहुत सी तिथियां ऐसी होती हैं जिन पर बिना मुहूर्त निकले कोई भी मांगलिक कार्य करना शुभ होता है. साल भर में आने वाले ये अबूझ मुहूर्त बेहद ही खास और संपूर्ण फल प्रदान करने वाले होते हैं. इन मुहूर्त पर जो भी मांगलिक कार्य किया जाता है वो निर्विघ्न पूर्ण हो जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, विजयदशमी, देवउठनी एकादशी, वसंत पंचमी और अक्षय तृतीया ऐसे ही अबूझ मुहूर्त हैं. इन पर बिना पंडित या ज्योतिष से सलाह लिए बगैर कोई भी मांगलिक कार्य किया जा सकता है. इन सभी में अक्षय तृतीया का विशेष महत्त्व बताया गया है. अक्षय तृतीया के दिन कोई भी मांगलिक कार्य करने पर उसका संपूर्ण फल प्राप्त होता है.
अक्षय तृतीया सबसे खास
हरिद्वार के ज्योतिषी पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि अक्षय तृतीया पर बिना मुहूर्त के मांगलिक कार्य किया जा सकता है. साल भर में होने वाले अबूझ मुहूर्त बेहद ही खास होते हैं. इन मुहूर्त पर कोई भी मांगलिक कार्य किया जा सकता है. विजयदशमी, देवउठनी एकादशी, वसंत पंचमी और अक्षय तृतीया के दिन शादी विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार या अन्य कोई भी मांगलिक कार्य बिना मुहूर्त निकले किया जा सकता है. इन सभी में अक्षय तृतीया तिथि का विशेष महत्त्व है, जो वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आती है.
बनी रहेगी कृपा
समय के साथ प्रेम विवाह करने का प्रचलन बढ़ गया है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि विवाह बिना मुहूर्त निकले किया जाए तो जीवन में अनेक प्रकार की बाधाएं आती हैं. कोर्ट कचहरी तक मामले पहुंच जाते हैं. अगर प्रेम विवाह उचित मुहूर्त में किया जाए तो जीवन में समस्याएं नहीं आती हैं. इसके लिए अक्षय तृतीया बेहद ही शुभ मुहूर्त है. इस मुहूर्त में अपने प्रेम संबंधों को वैवाहिक संबंधों में बदलने के लिए विवाह करें तो बंधन अटूट हो जाता है. उस जोड़े पर भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है. वैदिक पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया 29 अप्रैल की शाम 5:32 से शुरू हो जाएगी जो 30 अप्रैल की दोपहर 2:12 तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार, 30 अप्रैल 2025 को अक्षय तृतीया मनाई जाएगी.
नोट : इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए आप हरिद्वार के विद्वान ज्योतिषी पंडित श्रीधर शास्त्री से उनके फोन नंबर 9557125411 और 9997509443 पर संपर्क कर सकते हैं.

















