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भाद्रपद माह में कब है प्रदोष व्रत? ऐसे करें पूजा, शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों से मिलेगी मुक्ति!

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ओम प्रयास/ हरिद्वार. हिंदू धर्म में भाद्रपद माह को विशेष फल प्रदान करने वाला माह बताया गया है. हिंदू कैलेंडर के इस महीने में जहां भगवान विष्णु ने द्वापर युग में अधर्म का नाश करने के लिए श्री कृष्ण के रूप में अवतार लिया था, वहीं इस महीने के आखिर से ही पितरों को प्रसन्न करने और उन्हें मोक्ष प्रदान करने वाले पितृ पक्ष की शुरुआत भी हो जाती है. भाद्रपद माह में धर्म कर्म और व्रत आदि करने का विशेष महत्व होता है. पंचांग और हिंदू कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को शनि प्रदोष व्रत होगा. ज्योतिषी के अनुसार भाद्रपद माह की त्रयोदशी को शनि प्रदोष व्रत विशेष फल प्रदान करने वाला है. जिन जातकों पर शनि महाराज के कष्ट चल रहे हैं, उनके द्वारा इस दिन व्रत, पूजा पाठ, दान आदि करने पर उन्हें विशेष लाभ की प्राप्ति होगी.

भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष में त्रयोदशी को होने वाले शनि प्रदोष व्रत के बारे में ओर अधिक जानकारी करने के लिए हमने हरिद्वार के ज्योतिषी पंडित श्रीधर शास्त्री से बातचीत की. ज्योतिषी पंडित श्रीधर शास्त्री ने Bharat.one को बताया कि भाद्रपद माह में धर्म कर्म, व्रत आदि करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है. ऐसे ही साल 2024 में 31 अगस्त को कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को शनि प्रदोष व्रत करना विशेष फलदाई होगा. जिन जातकों पर शनि देव की साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही है, उनके द्वारा इस दिन शनिदेव की पूजा अर्चना करने पर विशेष फल प्राप्त होगा. इस दिन सभी 12 राशियों के जातकों को शनिदेव जनित कष्टों से मुक्ति मिलेगी.

ऐसे करें व्रत और पूजन विधि

पंडित श्रीधर शास्त्री ने Bharat.one को बताया कि शनि प्रदोष व्रत पर सूर्योदय से पहले स्नान करके व्रत का संकल्प करें और एकाग्र मन से अपने घर के देवालय में शनिदेव के बीज मंत्र (ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।) का 108 बार जाप करें. ऐसा करने से शनि प्रदोष व्रत का संपूर्ण फल प्राप्त होगा. जिन जातकों पर शनि देव की साढ़ेसाती या ढैया चल रही है, उनके द्वारा शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दिया जलाकर दोनों हाथ जोड़कर शनिदेव का ध्यान करें और इसके बाद शनि देव के निमित किसी गरीब असहाय व्यक्ति को काले तिल, नीले वस्त्र, कला कंबल आदि दान करने से शनि देव जनित पीड़ा से शांति मिलती हैं. इस दिन शनिदेव के वैदिक मंत्र का जाप करने से विशेष लाभ प्राप्त होता हैं. वैदिक मंत्र ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।ॐ शंयोरभिश्रवन्तु नः

Note: 31 अगस्त 2024 को शनि प्रदोष व्रत की ओर अधिक जानकारी करने के लिए आप हरिद्वार के विद्वान ज्योतिषी पंडित श्रीधर शास्त्री से उनके फोन नंबर 9557125411 और 9997509443 पर संपर्क कर सकते हैं.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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