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भारत का सबसे अनोखा देवी मंदिर, पत्थर चढ़ाने से पूरी होती है मनोकामना!

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Bilaspur News: सुनीता मिश्रा ने Bharat.one को बताया कि साल 2008 में संतान प्राप्ति की मनोकामना से उन्होंने मंदिर में पत्थर चढ़ाए थे. जिसके बाद उनके एक बेटा और बेटी हुई. तब से उनका देवी के प्रति अटूट विश्वास बना हुआ है. वह नवरात्रि पर यहां ज्योति कलश भी जलवाती हैं.

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर से सटे ग्राम खमतराई में स्थित बगदाई वनदेवी का मंदिर (Bagdai Vandevi Temple) श्रद्धा और आस्था का अनोखा केंद्र है. देशभर में जहां देवी-देवताओं को सोना, चांदी, प्रसाद या नारियल चढ़ाने की परंपरा है, वहीं इस मंदिर में भक्त देवी को पत्थर चढ़ाते हैं. मान्यता है कि पत्थर का यह चढ़ावा देवी को प्रिय है और इससे वह प्रसन्न होकर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं. करीब 100 साल पुरानी इस परंपरा ने इस मंदिर को क्षेत्रभर में खास पहचान दिलाई है.

खमतराई गांव के इस मंदिर में नवरात्रि (Navratri 2025) के दौरान भक्तों की भीड़ उमड़ती है. देवी को ‘वनदेवी’ कहा जाता है क्योंकि यह स्थान पहले घना जंगल हुआ करता था. श्रद्धालुओं का कहना है कि करीब 100 साल पहले यहां से गुजरने वाले लोग पांच पत्थर रखकर अपनी मनोकामना रखते और सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच जाते थे. धीरे-धीरे यह मान्यता पूरे क्षेत्र में फैल गई और आज भी यह परंपरा जारी है.

स्वयंभू है देवी की प्रतिमा
मंदिर के पुजारी अश्विनी तिवारी Bharat.one को बताते हैं कि बगदाई वनदेवी स्वयंभू रूप से यहां विराजमान हैं. किसी को नहीं पता कि देवी की प्रतिमा यहां कैसे पहुंची. मान्यता है कि सबसे पहले एक जमींदार को देवी ने स्वप्न में दर्शन दिए और इसके बाद यहां छोटे मंदिर का निर्माण कराया गया. समय के साथ भक्तों की आस्था और मंदिर की महत्ता बढ़ती चली गई.

भक्तों का अटूट विश्वास
मंदिर आने वाले श्रद्धालु देवी के चमत्कारिक अनुभव भी साझा करते हैं. भक्त रुखमणि वैष्णव Bharat.one को बताते हैं कि उन्होंने पांच पत्थर रखकर देवी से प्रार्थना की थी और मनोकामना पूर्ण होने पर फिर पत्थर चढ़ाने आए. वहीं सुनीता मिश्रा कहती हैं कि 2008 में संतान प्राप्ति की मनोकामना से उन्होंने यहां पत्थर चढ़ाए थे. जिसके बाद उनके एक बेटा और बेटी हुई. तब से उनका अटूट विश्वास बना हुआ है और वह नवरात्रि पर यहां ज्योति कलश भी जलवाती हैं.

आस्था और परंपरा का अनोखा संगम
आज यह मंदिर बिलासपुर और आसपास के इलाकों में आस्था का बड़ा केंद्र बन चुका है. शारदीय और चैत्र नवरात्रि में यहां भारी संख्या में भक्त पहुंचते हैं. पत्थर चढ़ाने की यह अनूठी परंपरा लोगों के विश्वास और देवी की कृपा का प्रतीक मानी जाती है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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