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Mandir Darshan Rules: जैसे मंदिर जाने, मंदिर में दर्शन करने के नियम हैं. ठीक उसी तरह मंदिर से दर्शन कर घर लौटने के भी नियम हैं. अगर आप इन नियमों की अनदेखी कर रहे हैं तो पाप के भागीदार बन रहे हैं. जानें सब…
मंदिर से आते कौनसा काम नहीं करना चाहिए
हाइलाइट्स
- मंदिर से लौटते समय प्रसाद का ऐसे उपयोग न करें
- महादेव को जल चढ़ाने के बाद लौटते समय ये काम करें
- मंदिर से लौटकर अपवित्र स्थान पर न जाएं
उज्जैन. हिंदू धर्म से जुड़े ज्यादातर लोग रोज मंदिर जाते हैं. पूजा-पाठ करते हैं. कई ऐसे जो महादेव को नियम से जल अर्पण करते हैं तो कई नियम से हनुमानजी का दर्शन करते हैं. लेकिन, कई बार अनजाने में हम शास्त्र विरुद्ध कार्य कर जाते हैं, जिसका प्रभाव जीवन पर नकारात्मक पड़ जाता है. ऐसे में पूजा का पूरा फल भी नहीं मिलता.
शास्त्रों में बताया गया है कि मंदिर से घर लौटते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. अगर आप ये नहीं जानते तो निश्चित तौर पर आपसे कहीं न कहीं गलती हो जाएगी. अगर आप चाहते हैं कि आपकी पूजा का पूरा फल आपको मिले. किसी शास्त्र विरुद्ध कार्य करने से पाप के भागीदार न बनें तो उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज से कि मंदिर से घर आने के नियमों को जान लें.
मंदिर से लौटते समय न करें ये गलतियां:
1. पूजा का प्रसाद: मंदिर से मिलने वाले प्रसाद या जो प्रसाद आप घर से भगवानजी को चढ़ाने के लिए ले जाते हैं, उसे कभी भी मंदिर से वापस आते हुए रास्ते में नहीं खाना चाहिए. इससे आपकी पूजा अधूरी मानी जाती है. मान्यता के अनुसार, मंदिर से मिले प्रसाद को अपने घर के प्रसाद में मिलाकर पूरे परिवार को बांटकर एक साथ ग्रहण करना चाहिए.
2. खाली लोटा: भगवान शंकर समेत कई देवी-देवताओं को जल चढ़ाया जाता है. इसके लिए लोग घर से पूजा सामग्री, प्रसाद के साथ लोटा आदि भी ले जाते हैं. मंदिर से वापस लौटते समय लोटा खाली न लाएं. बल्कि उसमें थोड़ा सा जल जरूर लाएं या लोटे में फूल, अक्षत के दाने डालकर लाएं. इससे घर में सकारात्मकता और समृद्धि बढ़ती है. वरना खाली लोटा गरीबी और नकारात्मकता लाता है.
3. अपवित्र स्थान: मंदिर से आने के बाद सीधे किसी अपवित्र जगह पर नहीं जाना चाहिए. इससे पूजा का फल नहीं मिलता है. अगर बहुत जरूरी हो तो कुछ देर रुककर ही जाना चाहिए.
4. नंगे पैर: बहुत से लोग अपने नजदीकी मंदिर जाते समय नंगे पैर जाते हैं. मंदिर से लौटते ही घर आकर अपने पैर धो देते हैं, ताकि पैर में लगी मिट्टी धुल जाए. ऐसा नहीं करना चाहिए. मंदिर से जब आप घर आएं तो अपने पैर को किसी कपड़े से पोछ लीजिए, ताकि मंदिर की मिट्टी घंटे या आधे घंटे तक आपके पैर में लगी रहे. मंदिर की वह पॉजिटिव एनर्जी आपके शरीर में कुछ समय तक रहनी चाहिए. यह आपके लिए बहुत अच्छा रहेगा.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

















