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मंदिर ट्रस्ट के द्वारा यहां श्रद्धालुओं को निशुल्क भोजन के पैकेट वितरण किए जाते हैं जिसे श्रद्धालु आसानी से बैठकर अपने मन के अनुसार प्रसादी ग्रहण कर सकते हैं. मकर संक्रांति को लेकर मंदिर ट्रस्ट के महंत नरेश पुरी भी गरीबों को दान पुण्य भी…और पढ़ें
दौसा. मेहंदीपुर बालाजी एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है. यह मंदिर जयपुर से 103 किलोमीटर की दूरी पर जयपुर-आगरा राजमार्ग पर स्थित है. मेहंदीपुर बालाजी मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है, जिन्हें बालाजी भी कहा जाता है. यह एक असाधारण तीर्थ स्थल है क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि मंदिर में चमत्कारी शक्तियां हैं जो बुरी आत्माओं से ग्रस्त व्यक्ति को ठीक कर सकती हैं. भूत-प्रेतों से मुक्ति दिलाने के लिए प्रसिद्ध मेहंदीपुर बालाजी राजस्थान के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है, जहां साल भर हज़ारों भक्त आते हैं. इस मंदिर में मंगलवार और शनिवार को भक्तों की भारी भीड़ होती है क्योंकि ये दो दिन भगवान बालाजी के दिन माने जाते हैं. भक्तों का मानना है कि जो भी भक्त बुरी आत्माओं या भूत-प्रेतों से पीड़ित है उनको यही मुक्ति मिलती है.
अगर हम मेहंदीपुर बालाजी के इतिहास की बात करें तो हमें इससे जुड़ा एक बहुत ही आकर्षक इतिहास मिलता है. इस मंदिर की प्रचलित मान्यता के अनुसार, भगवान हनुमान या बालाजी और प्रेत राजा की प्रतिमाएं अरावली पहाड़ियों के बीच स्वयं प्रकट हुई थी. मंदिर के आस-पास का इलाका कभी जंगल हुआ करता था. जहां कई जंगली जानवर रहते थे. ये प्रतिमाएं ठीक उसी स्थान पर दिखाई देती हैं जहां वर्तमान में मंदिर स्थित है.
मेहंदीपुर बालाजी में पहुंचने के बाद कैसे करते हैं दर्शन
मेहंदीपुर बालाजी का मंदिर दौसा और करौली जिले की सीमा पर स्थित है. अगर आप दौसा जिले की सीमा की तरफ से प्रवेश करते हैं. तो आपको मंदिर के आगे से निकलकर करौली जिले की सीमा की तरफ जाना होगा और वहां से दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की लाइन लगती है उस लाइन के माध्यम से आप मंदिर के अंदर प्रवेश करेंगे. करौली जिले की सीमा की तरफ से प्रवेश करने के बाद दौसा जिले की सीमा की तरफ आप दर्शन बालाजी प्रेतराज करने के बाद बाहर निकलेंगे. दौसा की धार्मिक नगरी मेहंदीपुर बालाजी में मकर संक्रांति के त्योहार पर मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन के द्वारा भी व्यवस्थाएं की जाती है.
मंदिर तक कैसे पहुंचते हैं श्रद्धालु
मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, जयपुर, यूपी सहित अन्य राज्यों से आते हैं. जो श्रद्धालु ट्रेन से आते हैं तो बांदीकुई स्टेशन से उतारकर श्रद्धालुओं को जीप में या बस में सवार होकर मेहंदीपुर बालाजी मोड़ पर पहुंचना होता है. उसके बाद ऑटो से मेहंदीपुर बालाजी मंदिर तक पहुंचकर दर्शन कर सकते हैं. अगर बस के माध्यम से श्रद्धालु आते हैं तो बालाजी मोड़ पर बस से उतरना होगा और उसके बाद ऑटो से ही मेहंदीपुर बालाजी मंदिर तक पहुंचना होता है यहां पर सैकड़ों की संख्या में होटल और धर्मशालाएं बनी हुई है जो श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था होती है यहां किराए पर कैमरे मिलते हैं जिनमें सारी व्यवस्थाएं मिल जाती है.
Dausa,Dausa,Rajasthan
January 13, 2025, 12:35 IST
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