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मकर संक्रांति पर बच्चों का बोरन्हाण! क्या है ये पुरानी परंपरा और उसका विज्ञान!

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Makar Sankranti 2025: मकर संक्रांति पर बच्चों को बोंरहान करने की परंपरा है. यह एक शिशु संस्कार है, जिसे बच्चों की सेहत के लिए किया जाता है. गुरुजी नयनदेश जोशी के अनुसार, इस दौरान बच्चों को सजाया जाता है और विविध खाद्य सामग्री उनके ऊपर…और पढ़ें

मुंबई: मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो नए साल का पहला पर्व होता है. इस वर्ष मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी. इस दिन महिलाओं के लिए हळदीकुंकू और पुरुषों तथा बच्चों के लिए पतंग उड़ाने की परंपरा है, लेकिन इन सबके बीच बच्चों के लिए विशेष रूप से बोरन्हाण की परंपरा भी निभाई जाती है, तो क्या है यह बोरन्हाण और क्यों इसे मनाया जाता है? इसके बारे में पंडित नयनेश जोशी से जानते हैं…

बोरन्हाण का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
बता दें कि हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का विशेष महत्व है. यह दिन सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही नए मौसम की शुरुआत भी दर्शाता है. पंडित नयनेश जोशी के अनुसार, मकर संक्रांति से लेकर रथसप्तमी तक नवजात शिशुओं से लेकर पांच साल तक के बच्चों का बोरन्हाण किया जाता है. यह परंपरा बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए होती है. गुरुजी का कहना है कि बोरन्हाण बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए एक तरह की शारीरिक सुरक्षा प्रदान करता है.

बोरन्हाण की कहानी और वैज्ञानिक कारण
बोरन्हाण के संदर्भ में एक दिलचस्प कथा भी है. कहा जाता है कि एक समय एक राक्षस था जिसका नाम करी था. उसकी बुरी नजर और विचार बच्चों पर न पड़ें, इसके लिए सबसे पहले कृष्ण पर बोरन्हाण किया गया और तभी से यह परंपरा चली आ रही है. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी देखा जाए तो मकर संक्रांति के समय वातावरण में बदलाव आते हैं. इन मौसम बदलावों से बच्चों को बचाने के लिए भी बोरन्हाण किया जाता है.

बोरन्हाण की विधि और बच्चों का उत्सव
मकर संक्रांति के दिन बच्चों का बोरन्हाण पारंपरिक तरीके से मनाया जाता है. इस दिन बच्चों को हलवे के गहनों से सजाया जाता है और उन्हें पाट पर बैठाकर औक्षण किया जाता है. इसके बाद, घर के अन्य बच्चों को बुलाकर उनके सिर पर मुरमुरे, बताशे, तिल की रेवड़ी, बिस्किट, गोलियां, बेर, और गन्ने के टुकड़े डाले जाते हैं. इन बच्चों को यह स्वादिष्ट खाऊ इकट्ठा करने का अवसर मिलता है. इस दौरान कई खेल खेले जाते हैं और बोरन्हाण कार्यक्रम संपन्न होता है.

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(यह जानकारी धार्मिक आस्था पर आधारित है. इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. न्यूज18 हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता.)

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मकर संक्रांति पर बच्चों का बोरन्हाण! क्या है ये पुरानी परंपरा और उसका विज्ञान!

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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