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महिलाओं की चूड़ियां टूटना अपशकुन या सिर्फ वहम? क्या है इस भ्रम की सच्चाई…यहां जानें हकीकत

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Choodiyan Tootna In Islam: महिलाओं की चूड़ियों के टूटने को लेकर समाज में फैले अंधविश्वास पर शाही चीफ मुफ्ती मौलाना इब्राहिम हुसैन ने साफ कहा कि इस्लाम में इसे जिन्नात, शैतानी असरात या अपशकुन से जोड़ने की कोई सच्चाई नहीं है. यह महज वहम है और मुसलमानों को ऐसे भ्रम से बचना चाहिए.

अलीगढ़: समाज में महिलाओं से जुड़ी कई छोटी-छोटी घटनाओं को अंधविश्वास से जोड़ दिया जाता है. खासकर चूड़ियों का टूटना, जिसे अक्सर जिन्नात, शैतानी असरात या अपशकुन से जोड़कर देखा जाता है. लेकिन क्या वाकई इन बातों में कोई सच्चाई है, या यह सिर्फ वहम है? और क्या इस्लाम में ऐसी मान्यताओं की कोई जगह है? इन्हीं सवालों की हकीकत जानने के लिए Bharat.one की टीम ने शाही चीफ मुफ्ती ऑफ उत्तर प्रदेश मौलाना चौधरी इब्राहिम हुसैन से खास बातचीत की.

इसी तरह इसे अशुभ या अपशकुन मानना भी इस्लाम की शिक्षाओं के बिल्कुल खिलाफ है। इस्लाम में शकुन-अपशकुन की कोई जगह नहीं है और न ही ऐसी मान्यताओं को मानने की इजाजत दी गई है. मौलाना ने आगे बताया कि इस्लाम के अनुसार हर चीज अल्लाह के हुक्म और मुकद्दर से होती है. जो कुछ भी होता है, वह अल्लाह की मर्जी और पहले से तय फैसले के तहत होता है.

किसी महिला की चूड़ियां टूटने को न तो जिन्नात से जोड़ना सही है और न ही इसे किसी पुरुष या परिवार के लिए नुकसानदेह मानना. मौलाना चौधरी इब्राहिम हुसैन ने जोर देकर कहा कि ऐसी मान्यताएं समाज में फैले हुए बेबुनियाद वहम हैं, जिनका इस्लाम से कोई ताल्लुक नहीं है. मुसलमानों को चाहिए कि वे इन अंधविश्वासों से बचें और सही इस्लामी अकीदे पर कायम रहें.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें

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महिलाओं की चूड़ियां टूटना अपशकुन या सिर्फ वहम? क्या है इस भ्रम की सच्चाई

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