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मिल गया स्वयंभू शिवलिंग! जमीन से हुआ है प्रकट, हर साल बढ़ रही ऊंचाई, जानें क्या है छत्तीसगढ़ के इस मंदिर की मान्यता

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Bhanwarpur Shiv Temple Raipur Chhattisgarh: आज हम आपको ऐसे ऐतिहासिक और प्राचीन शिवलिंग के बारे में बताते हैं, जिसको लेकर मान्यता है, कि ये स्वयंभू है. दावा है समय के साथ इसकी ऊंचाई बढ़ती गई, जो अब लगभग 3 फीट से…और पढ़ें

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स्वयंभू

स्वयंभू शिवलिंग

हाइलाइट्स

  • भंवरपुर शिव मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग की ऊंचाई हर साल बढ़ती है.
  • महाशिवरात्रि पर मंदिर में भव्य आयोजन और रात्रि जागरण होगा.
  • श्रद्धालुओं की मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है.

रायपुर- आज हम आपको एक स्वयंभू शिवलिंग के बारे में बताने वाले हैं जिसकी ऊंचाई और गोलाई हर साल बढ़ती ही जा रही है. यह छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित भंवरपुर शिव मंदिर में है, जो भक्तों के लिए विशेष आस्था का केंद्र बन चुका है. यह भगवान भोलेनाथ के ऐसा ऐतिहासिक और प्राचीन मंदिर है, यहां भक्तगण विशेष रूप से जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने आते हैं. खासकर महाशिवरात्रि और सावन मास में यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. मंदिर में आने वाले श्रद्धालु मानते हैं कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है. यह मंदिर जिला मुख्यालय से महज 106 किलोमीटर दूर स्थित है

आज भी खुद बढ़ रही है शिवलिंग की ऊंचाई
मंदिर के पुजारी दिनेश वैष्णव अपनी तीन पीढ़ी से यहां पुजारी की भूमिका निभा रहे हैं. उनका कहना है कि यहां स्थित शिवलिंग के चमत्कारी रूप से प्रकट होने की मान्यता है, जिसे देखने और पूजा-अर्चना करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं. वे बताते हैं, भंवरपुर गांव में स्थित इस शिवलिंग की मान्यता बेहद अनोखी है. वहीं, स्थानीय लोगों के अनुसार, यह शिवलिंग एक किसान के खेत में खुदाई के दौरान मिला था और धीरे-धीरे यह खुद जमीन से बाहर निकलने लगा. समय के साथ इसकी ऊंचाई बढ़ती गई, जो अब लगभग 3 फीट से अधिक हो चुकी है. श्रद्धालुओं का मानना है कि भगवान शिव की कृपा से यह शिवलिंग आज भी बढ़ता जा रहा है.

महाशिवरात्रि पर होगा विशेष आयोजन
आपको बता दें, कि महाशिवरात्रि के अवसर पर इस मंदिर में भव्य आयोजन किए जाएंगे. इस दिन भक्तगण विशेष रूप से यहां जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने आते हैं. यहां रात्रि जागरण कर पूरी रात भजन-कीर्तन का आयोजन होगा. पुजारियों द्वारा भगवान शिव का अभिषेक और आरती की जाएगी, मंदिर परिसर में भक्तों के लिए प्रसाद वितरण किया जाएगा और साथ ही महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिव बारात भी निकाली जाएगी.

भक्तों की आस्था और मंदिर की महिमा
मंदिर में आने वाले श्रद्धालु मानते हैं कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है. खासकर महाशिवरात्रि और सावन मास में यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. यह मंदिर छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला मुख्यालय से महज 106 किलोमीटर दूर स्थित है. पास के शहर बसना से बस, टैक्सी या निजी वाहन द्वारा यहां पहुंचा जा सकता है. अगर आप भी महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर भगवान शिव के दर्शन करना चाहते हैं, तो भंवरपुर शिव मंदिर जरूर जाएं और भोलेनाथ की कृपा प्राप्त कर सकते हैं.

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मिल गया छत्तीसगढ़ में स्वयंभू शिवलिंग, हर साल बढ़ रही ऊंचाई! जानें मान्यता

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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