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मेष के लिए लाल, मिथुन के लिए हरा…राशि के हिसाब से खेलें होली, 100 साल बाद ऐसा संयोग, खुल जाएगी किस्मत

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मेष के लिए लाल, मिथुन के लिए हरा…राशि के हिसाब से खेलें होली, खुलेगी किस्मत

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इस बार की होली खास है. करीब 100 साल बाद होली पर चंद्र ग्रहण और भद्रा का साया रहेगा. होली को कैसे मनाएं कि उसका पूरा लाभ मिले, Bharat.one ने इस बारे में हरिद्वार के पंडित श्रीधर शास्त्री से बात की. वे बताते हैं कि इस बार होली करीब 100 साल बाद भद्रा और चंद्र ग्रहण में होने वाली है. 2 मार्च को शाम से संपूर्ण रात्रि तक भद्रा रहेगी और 3 मार्च की दोपहर 3:20 से चंद्र ग्रहण शुरू हो जाएगा, जो शाम 6: 47 तक रहेगा. अगर इस साल होली का दहन और दुल्हेंडी (रंगों की होली) राशि के अनुसार की जाए तो सभी दोष खत्म हो जाएंगे. इससे घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली आएगी.

हरिद्वार. साल 2026 में होली के दिन होने वाला चंद्र ग्रहण खास होने वाला है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, करीब 100 साल बाद होली पर चंद्र ग्रहण और भद्रा का साया रहेगा. पूर्णिमा की उदया तिथि का दिन होगा, लेकिन चैत्र कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा में होली का दहन किया जाएगा. इस संयोग में होलिका दहन और रंगों की होली को मनाने में भ्रम की स्थिति बनी हुई है. भाईचारे का पर्व और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक होली के त्यौहार को कैसे मनाए कि लाभ मिले, यह जानने की उत्सुकता भी कई लोगों के मन में बनी हुई है.

हरिद्वार के पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि इस बार होली करीब 100 साल बाद भद्रा और चंद्र ग्रहण के समय में होगी. ये फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि 2 मार्च की शाम 5:56 से शुरू होकर 3 मार्च की शाम 5: 07 तक रहेगा. 3 मार्च की शाम 5:08 से चैत्र कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा का आरंभ हो जाएगा. 2 मार्च को शाम से संपूर्ण रात्रि तक भद्रा रहेगी और 3 मार्च की दोपहर 3:20 से चंद्र ग्रहण शुरू हो जाएगा, जो शाम 6: 47 तक रहेगा. ग्रहण का सूतक काल सुबह 6:20 से शुरू हो जाएगा. पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा की तिथि 3 मार्च की शाम 5:07 तक ही रहेगी. पंचांग और विद्वानों के मत अनुसार, 6:48 से 8:50 तक होलिका दहन का समय बताया गया है. 3 मार्च को पूर्णिमा की उदया तिथि रहेगी, जिस कारण होलिका दहन करने पर कोई दोष नहीं लगेगा.

पंडित श्रीधर शास्त्री के मुताबिक, यदि इस साल होली का दहन और दुल्हेंडी (रंगों की होली) राशि के अनुसार की जाए तो सभी दोष खत्म हो जाएंगे और घर में सुख समृद्धि खुशहाली का वातावरण बना रहेगा. होलिका दहन के दिन होली की आग में गाना और गेहूं की बाली सेंक कर खाने और उनका प्रसाद अपने परिवारजनों, मित्रों को भी बांटे. होलिका दहन के बाद उसकी भस्म यानी रख को घर पर लाइन और एक पत्र में रख दें. अगले दिन यानी रंगों की होली के दिन होलिका दहन की राख का तिलक लगाएं. इस दिन पहला रंग अपनी राशि के अनुसार लगाएं. ऐसा करने से जीवन में सुख समृद्धि का वास होगा और नवग्रह संबंधित सभी कष्ट दूर हो जाएंगे.

राशि अनुसार रंग

मेष और वृश्चिक राशि : लाल रंग
वृषभ और तुला राशि : सफेद रंग (सफेद से मिलते जुलते रंग)
मिथुन और कन्या राशि : हरा रंग
कर्क राशि : सफेद रंग (सफेद से मिलते जुलते रंग)
सिंह राशि : लाल रंग (मिलते जुलते रंग)
धनु और मीन राशि : पीला रंग (पीत वर्ण)
मकर और कुंभ राशि : सभी गहरे रंग (डार्क रंग)

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

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