
Last Updated:
भक्तों में मान्यता है कि परिक्रमा लगाने और हवन कुण्ड की भभूत लगाने से बीमारी धीरे-धीरे अपना प्रभाव कम कर देती है. शरीर के अंग जो हिलते डुलते नहीं हैं वह धीरे-धीरे काम करने लगते हैं
नागौर. मकर संक्रांति से पहले राजस्थान के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक बुटाटी धाम में दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा. पिछले कुछ दिनों से संध्या काल में आरती दर्शन के दौरान हजारों भक्त आरती में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं. भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस के जवानों ने मोर्चा संभाल रखा है. मंदिर कमेटी के अनुसार अब आगामी मकर संक्रांति के बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के पूरे आसार है. अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने बताया कि नागौर के बुटाटी धाम में संत चतुरदास जी महाराज का मंदिर है. इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि इस मंदिर में सात दिन तक आरती-परिक्रमा करने से पैरालिसिस के मरीज ठीक होकर जाते हैं. लोगों का दावा है कि सात दिन बाद लकवा ठीक हो जाता या बहुत हद तक सुधार होते हुए देखा गया.
मंदिर प्रबंधन कमेटी ने बताया कि बुटाटी धाम में इलाज बिल्कुल फ्री किया जाता है. यहां पर लगवा ग्रस्त मरीज को 7 दिन रोका जाता है और सुबह शाम नियमित रूप से आरती एवं परिक्रमा करने के बाद भभूत ग्रहण करने से लकवे के मरीजों की तकलीफ खत्म हो जाती है. लोगों के आस्था के चलते यहां देश भर से मरीजों का तांता लगा रहता है.
ऐसे लगानी होती है परिक्रमा
मंदिर प्रबंधन कमेटी के अनुसार इस मंदिर में सुबह की आरती के बाद पहली परिक्रमा मंदिर के बाहर और शाम की आरती के बाद दूसरी परिक्रमा मंदिर के अन्दर लगानी होती है. ये दोनों परिक्रमा मिलकर पूरी एक परिक्रमा कहलाती है. सात दिन तक मरीज को इसी प्रकार परिक्रमा लगानी होती है.
बुटाटी धाम आने का रास्ता
बुटाटी धाम का यह मंदिर नागौर जिले की देगाना तहसील में है. यहां से निकटतम रेलवे स्टेशन मेढ़ता रोड है जो करीब 45 किमी दूर है. जयपुर और जोधपुर रूट पर यह स्टेशन आता है. स्टेशन से मंदिर आने के लिए जीप, ऑटो रिक्शा मिलती है. ठहरने के लिए मंदिर परिसर से आधा किमी दूर अजमेर-कोटा रोड पर गेस्ट हाउस है. लेकिन अधिकांश लोग मंदिर परिसर में ही ठहरते हैं.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Bharat.one किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

















