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रमजान: इस्लाम का सबसे पवित्र महीना और इसका महत्व.

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रमजान इस्लामिक कैलेंडर का पवित्र महीना है, जिसमें रोजे रखना हर मुसलमान के लिए अनिवार्य है. इसमें कुरआन की तिलावत, नमाज, तरावीह और दान का महत्व है. रमजान का समापन ईद-उल-फित्र से होता है.

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हाइलाइट्स

  • रमजान इस्लाम का सबसे पवित्र महीना है.
  • रोजा रखना हर मुसलमान के लिए अनिवार्य है.
  • रमजान का समापन ईद-उल-फित्र से होता है.

अलीगढ़: रमजान का पाक महीना चल रहा है. दुनिया भर के मुसलमान इस महीने को बड़े आदर और सम्मान से मनाते हैं. इस्लाम में रमजान सबसे पाक महीना माना जाता है. इस महीने में हर मुसलमान के लिए रोजा रखना ज़रूरी है. रमजान सिर्फ़ अल्लाह की इबादत का ही महीना नहीं है बल्कि यह हमें समाज और खुद से भी जोड़ता है. मुस्लिम समुदाय में रमजान का बहुत महत्व है.

रोजा सिर्फ़ भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं
इस पूरे महीने मुसलमान सूरज निकलने से लेकर डूबने तक रोजा रखते हैं. रोजे में खाना-पीना छोड़कर खुद पर काबू रखा जाता है. रोजा सिर्फ़ भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह हमें अपनी इच्छाओं पर काबू करना, सब्र रखना और अल्लाह के करीब ले जाता है.

लोग ज़्यादा से ज़्यादा नमाज़ पढ़ते हैं
अलीगढ़ के मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना इफराहीम हुसैन बताते हैं कि रमजान में ही इस्लाम का पवित्र ग्रंथ कुरान दुनिया में उतारा गया था. इसलिए इस महीने में कुरान पढ़ने का बहुत महत्व है. रमजान का असली मकसद इंसान को बुराइयों से दूर रहना सिखाना है. इस महीने में लोग अपनी बुराइयों को छोड़कर अल्लाह की इबादत करते हैं और उनसे माफ़ी मांगते हैं. रमजान में लोग ज़्यादा से ज़्यादा नमाज़ पढ़ते हैं, तरावीह पढ़ते हैं और अल्लाह को याद करते हैं. मौलाना इफराहीम हुसैन ने बताया कि रोजा हमें गरीबों और ज़रूरतमंदों की तकलीफ समझने में मदद करता है. जब हम खुद भूखे-प्यासे रहते हैं तो हमें एहसास होता है कि जो लोग हर दिन भूखे सोते हैं उन्हें कैसा लगता होगा. इसलिए रमजान में ज़कात (दान) और सदका (खैरात) देने की परंपरा है ताकि गरीबों की मदद हो सके. इस महीने में की गई नेकी का फल 70 गुना मिलता है.

रमजान की आखिरी 10 रातें बहुत खास होती हैं
रमजान की आखिरी 10 रातें बहुत खास होती हैं. इन्हीं रातों में ‘शबे कद्र’ आती है. कहा जाता है कि इस रात की गई इबादत हज़ार महीनों से बढ़कर होती है. रमजान का आखिर ईद-उल-फितर के साथ होता है. इस दिन लोग खुशियां मनाते हैं और अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं. रमजान सिर्फ़ इबादत का ही नहीं बल्कि इंसान को अच्छा इंसान बनने का भी महीना है. यही रमजान का मकसद है और इसीलिए इस्लाम में इस महीने को बहुत अहमियत दी जाती है.

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आखिर क्या है रमज़ान महीने में इस्लाम का महत्व, रोजा सिर्फ़ भूखा-प्यासा रहने का..

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