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विवाह पंचमी पर श्री रामचंद्रजी की आरती | Ram ji ki Aarti Lyrics In Hindi on Vivaha Panchami 2025 today

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Ram ji ki Aarti Lyrics: मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी का पर्व मनाया जाता है. विवाह पंचमी के दिन प्रभु श्रीराम की आरती करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और हर सुख की प्राप्ति होती है. इस तिथि पर आरती से प्राप्त फल सामान्य दिनों से 3–5 गुना अधिक होता है. यहां पढ़ें श्री रामचंद्रजी की आरती, श्री राम चंद्र कृपालु भजमन…

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विवाह पंचमी पर प्रभु श्रीराम की आरती करें, श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भव..

Ram ji ki Aarti Lyrics In Hindi: आज देशभर में विवाह पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है. मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को राजकुमार राम और राजकुमारी जानकी का विवाह हुआ था. इसलिए इस तिथि को विवाह पंचमी के नाम से जाना जाता है. इस दिन प्रभु श्रीराम और माता सीता की पूजा अर्चना और आरती करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है और वैवाहिक जीवन मजबूत होता है. आरती का प्रकाश सूर्य-तेज का प्रतीक है, इसलिए राम आरती पाप का नाश, मन की अशांति का निवारण, घर-परिवार में तेज व रक्षा प्रदान करती है. यहां पढ़ें श्री रामचंद्रजी की आरती, श्री राम चंद्र कृपालु भजमन…

श्री रामचंद्रजी की आरती | Ram ji ki Aarti Lyrics In Hindi

श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भव भय दारुणम्।
नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।

कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।
पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।
रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।

सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।
आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।

इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।
मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।

मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।
करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।

एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।
तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।

दोहा- जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।
मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।।

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विवाह पंचमी पर प्रभु श्रीराम की आरती करें, श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भव..

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