
ऋषिकेश: उत्तराखंड में स्थित ऋषिकेश अपनी धार्मिकता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है. यहां के प्रमुख पर्यटक स्थलों में त्रिवेणी घाट का नाम सबसे ऊपर आता है. यह स्थान न केवल टूरिस्ट आकर्षण का केंद्र है, बल्कि एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल भी है. श्रद्धालु यहां सुबह के समय गंगा नदी में पवित्र स्नान करने आते हैं. इस घाट को त्रिवेणी घाट इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों का संगम होता है. इस संगम का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है.
संध्या आरती का महत्व
Bharat.one के साथ बातचीत के दौरान ऋषिकेश में स्थित श्री गंगा सभा के महामंत्री राम कृपाल गौतम ने बताया की त्रिवेणी घाट पर हर दिन मां गंगा की भव्य आरती आयोजित की जाती है. इस आरती का आयोजन “श्री गंगा सभा” के द्वारा किया जाता है. यहां मंगल आरती, भोग आरती और सबसे प्रसिद्ध संध्या आरती होती है.
विशेष रूप से संध्या काल की आरती देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं. यह आरती पूरी विधि-विधान और परंपरागत वेशभूषा में पुरोहितों द्वारा की जाती है. सूर्यास्त के समय शुरू होने वाली इस आरती का दृश्य बहुत भव्य और अद्भुत होता है. सर्दियों के मौसम में यह आरती शाम 6 बजे होती है.
नहीं लगता शुल्क
इस आरती में शामिल होने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है. यह निशुल्क है और सभी श्रद्धालुओं के लिए खुली है. देश और विदेश से श्रद्धालु यहां आकर इस पवित्र आरती का हिस्सा बनते हैं. अगर आप अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए विशेष पूजा या आरती करवाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको पहले से सूचना देनी होगी. आप अपनी श्रद्धा के अनुसार दान कर सकते हैं, जिससे पूजा सामग्री और ब्राह्मण दक्षिणा की व्यवस्था होती है.
भूल नहीं पाएंगे ये अनुभव
त्रिवेणी घाट पर शाम के समय होने वाली आरती का माहौल बहुत ही शांत और आध्यात्मिक होता है. दीयों की रोशनी, मंत्रों की ध्वनि और गंगा नदी की लहरों का संगम एक अलौकिक अनुभव प्रदान करता है. यह स्थान न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सकारात्मक ऊर्जा के लिए भी खास है. ऋषिकेश आने वाले हर व्यक्ति के लिए त्रिवेणी घाट का भ्रमण एक अनोखा अनुभव होता है. यहां आएं तो आरती में शामिल जरूर हों. एक अलग ही एक्सपीरियंस लेकर जाएंगे.
FIRST PUBLISHED : December 13, 2024, 09:04 IST

















