हरिद्वार: देवउठनी एकादशी के साथ ही साल 2024 में विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक विवाह जैसे मांगलिक कार्यों पर विराम रहता है. देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु क्षीर सागर से जाग्रत होकर सृष्टि संचालन की जिम्मेदारी संभालते हैं, जिसके बाद सभी मांगलिक कार्य पुनः आरंभ हो जाते हैं.
इस शुभ अवसर का इंतजार करने वाले कई लोगों के लिए शादी के मुहूर्त अब शुरू होंगे. सभी लोग अपने जीवनसाथी के लिए अच्छे गुण, सुंदरता और सुशीलता की कामना करते हैं. हरिद्वार के ज्योतिषी पंडित श्रीधर शास्त्री के अनुसार, योग्य और गुणी पत्नी प्राप्त करने के लिए दुर्गा सप्तशती से लिए गए विशेष मंत्र का जप किया जा सकता है. यह मंत्र मार्कंडेय पुराण के अर्गला स्तोत्र से लिया गया है.
ये है मंत्र
“पत्नीं मनोरमां देही मनोवृत्तानुसारिणीम्.
तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्..”
पंडित श्रीधर शास्त्री ने बताया कि इस मंत्र का 11,000 बार विधि-विधान से जप करने पर इच्छित गुणों वाली पत्नी की प्राप्ति होती है. इस मंत्र का पूर्ण प्रभाव प्राप्त करने के लिए इसे 11 हजार, 21 हजार, 31 हजार, 51 हजार या 1 लाख 25 हजार बार जपना भी लाभकारी माना गया है.
जप की विधि
- ब्रह्म मुहूर्त में स्नान आदि के बाद पवित्र मन से रोज 10 माला (1 माला = 108 मंत्र) का जप करें.
जप का यह क्रम 10 दिनों तक जारी रखें. - 11,000 मंत्रों का जप पूर्ण होने पर दशांश मंत्रों से हवन करें.
- इस विधि से करने पर व्यक्ति को अपने कुल को संवारने वाली, गुणों से भरपूर, योग्य और सुंदर पत्नी प्राप्त होती है.
FIRST PUBLISHED : November 7, 2024, 09:17 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

















