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Saharanpur Gufa Wala Shiv Mandir: सहारनपुर का यह शिव मंदिर काफी प्राचीन अद्भुत और चमत्कारी है. इस शिव मंदिर से एक गुफा निकालकर रण देवा मंदिर पर निकलती है. बताया जाता है कि इस गुफा का इस्तेमाल क्रांतिकारी एक छोर…और पढ़ें
इस मंदिर की गुफा में बैठकर क्रांतिकारी बनाया करते थे योजना आज अस्तित्व हुआ खत्म
अंकुर सैनी/सहारनपुर: धार्मिक मान्यताओं को लेकर पश्चिमी यूपी में सहारनपुर अपनी एक अलग पहचान रखता है. सहारनपुर में सैकड़ों साल पुराने सैकड़ों मंदिर आज भी मौजूद हैं. वहीं कुछ मंदिर ऐसे हैं, जिनका अस्तित्व खत्म होने की कगार पर है. हम बात कर रहे हैं सहारनपुर के नकुड़ कस्बे में सैकड़ों साल पुराने गुफा वाले शिव मंदिर की. यह शिव मंदिर काफी प्राचीन अद्भुत और चमत्कारी है. इस मंदिर में आज भी भगवान शिव पिंडी के रूप में विराजमान है.
इस शिव मंदिर से एक गुफा निकलकर रण देवा मंदिर पर निकलती हैं. बताया जाता है कि इस गुफा का इस्तेमाल क्रांतिकारी एक छोर से दूसरे छोर पर जाने के लिए किया करते थे और इस गुफा के अंदर बैठकर रणनीति भी तैयार किया करते थे. लेकिन आज के समय में इस मंदिर से रास्ता भी खत्म हो चुका है. हिंदू संगठन के लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले अन्य समाज के लोगों के द्वारा इस मंदिर पर कब्जे का प्रयास भी किया गया था. जिसको समय रहते कब्जे से बचा लिया गया था. अब हिंदू संगठन के लोग प्रत्येक हफ्ते में इस शिव मंदिर पर हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और विलुप्त होते जा रहे शिव मंदिर को उसके पुराने अस्तित्व में लाने के लिए काम किया जा रहा है. प्रत्येक शिवरात्रि पर मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर स्वयं ओम बन जाता है.
मंदिर की गुफा में क्रांतिकारी बनाया करते थे रणनीति
मंदिर के सेवक तरुण कमल ने Bharat.one से बात करते हुए बताया कि उनका यह मंदिर लगभग सैकड़ों साल पुराना है और यह मंदिर गुफा वाले मंदिर के नाम से जाना जाता है. मंदिर से गुफा निकालकर रण देवा तक जाती है, जो कि आज के समय में विलुप्त होती जा रही है. मंदिर पर बनी इस गुफा में किसी के जाने की हिम्मत नहीं होती है. आज के समय में गुफा को दीवार से बंद कर दिया गया है. बताया जाता है कि इस गुफा का इस्तेमाल क्रांतिकारी एक छोर से दूसरे छोर पर जाने के लिए किया करते थे और इस गुफा के अंदर बैठकर रणनीति तैयार किया करते थे.
शिवलिंग पर ओम की आकृति उभरने से बढ़ी लोगों की मंदिर के प्रति आस्था
विश्व हिंदू परिषद जिला अध्यक्ष दिग्विजय त्यागी ने Bharat.one से बात करते हुए बताया कि यह मंदिर सैकड़ों साल पुराना है. पहले यहां पर मंदिरों की एक श्रृंखला हुआ करती थी और औरंगजेब ने मंदिरों की उस श्रृंखला को ध्वस्त किया था, जिसमें से एक मंदिर आज भी मौजूद है. मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर ओम की आकृति शिवरात्रि पर स्वयं उभर आती है. गुफा वाला मंदिर आज के समय में संवेदनशील क्षेत्र में आता है. यहां पर कुछ लोगों के द्वारा मंदिर पर कब्जे का प्रयास किया गया था, लेकिन विश्व हिंदू परिषद के द्वारा इस मंदिर पर कब्जा होने नहीं दिया गया. जबकि यह मंदिर चारों ओर से विशेष समुदाय से घिरा हुआ है. जब से मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर ओम उभर कर आया है, तब से लोगों की आस्था इस मंदिर के प्रति और भी बढ़ गई है और प्रत्येक सप्ताह बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता यहां पर हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं.
Saharanpur,Uttar Pradesh
January 22, 2025, 13:10 IST
सैकड़ों साल पुराना है यह गुफा वाला मंदिर, शिवलिंग पर उभरी है ओम की आकृति
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

















