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होली और धुलंडी वाले दिन जा रहे हैं खाटूश्याम जी मंदिर, तो रुक जाइए…नहीं कर पाएंगे आप दर्शन, जानें क्यों

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Khatu Shyam Temple News: होली के समय खाटूश्याम जी के मंदिर में आकर दर्शन करने का आप प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है. दरअसल 13 मार्च को रात 10 बजे से खाटूश्याम मंदिर आम लोगों के दर्शन के लिए बंद रहेगा. …और पढ़ें

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होली

होली पर खाटूश्याम जी मंदिर बंद रहेगा 

हाइलाइट्स

  • 13 से 15 मार्च तक खाटूश्याम जी मंदिर बंद रहेगा
  • 14 मार्च को बाबा की विशेष पूजा अर्चना होगी
  • 15 मार्च को तिलक श्रृंगार किया जाएगा

सीकर. अगर आप होली के समय विश्व प्रसिद्ध खाटूश्याम जी मंदिर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो रुक जाइए. क्योंकि होली को लेकर खाटूश्याम जी मंदिर से जुड़े भक्तों के लिए बड़ी खबर है. होली और धुलंडी के मौके पर खाटूश्याम जी मंदिर आम भक्तों के लिए बंद रहेगा. श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह ने पत्र जारी कर इसकी सूचना जारी की है. जारी सूचना के अनुसार 2 दिन बाबा श्याम की विशेष पूजा व तिलक श्रृंगार होगा. इस कारण खाटूश्यामजी मंदिर दर्शन के लिए बंद रहेगा. चलिए जानते हैं कब हो सकते हैं बाबा के दर्शन

13 से 15 मार्च के बीच बंद रहेगा मंदिर
इस बारे में श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह ने बताया, कि मंदिर में हर बार होली के समय बाबा श्याम की विशेष पूजा और तिलक श्रृंगार किया जाता है, इस बार भी ऐसा ही होगा. मंदिर कमेटी द्वारा जारी सूचना के अनुसार 13 मार्च को रात 10 बजे से खाटूश्याम मंदिर आम लोगों के दर्शन के लिए बंद रहेगा. इसके बाद अगले दिन 14 मार्च को बाबा की विशेष पूजा अर्चना की जाएगी, व 15 मार्च को तिलक श्रृंगार किया जाएगा. इसलिए 13 मार्च को रात 10 बजे से 15 मार्च शाम 5 बजे तक खाटूश्याम जी मंदिर बंद रहेगा. श्री श्याम मंदिर कमेटी ने पत्र जारी कर सभी श्याम श्रद्धालुओं से मंदिर के कपाट खुलने के बाद श्याम के दर्शन के लिए आने का अनुरोध किया है.

श्याम वर्ण में भक्तों को दर्शन देंगे बाबा श्याम 
श्री श्याम मंदिर के अनुसार, कृष्ण एवं शुक्ल पक्ष में बाबा श्याम का अलग-अलग शृंगार होता है. कृष्ण पक्ष में तिलक के रूप में बाबा को ललाट से गालों तक चंदन का लेप किया जाता है. इसे श्याम वर्ण रूप कहा जाता है. बता दें कि महीने में 23 दिन बाबा श्याम वर्ण (पीला रंग) में रहते हैं. वहीं अमावस्या के दिन विभिन्न प्रकार के द्रव्यों से बाबा का अभिषेक किया जाता है. इससे प्रतिमा अपने मूल स्वरूप में नजर आने लगती है, और इसे शालिग्राम रूप (काला रूप) कहा जाता है. बता दें, कि शुक्ल पक्ष के सात दिन बाबा श्याम इस रूप में रहते हैं. यानी खाटू बाबा की यह प्रतिमा 23 दिन श्याम वर्ण और सात दिन शालिग्राम रूप में रहती है, और शृंगार से यह रूप बदलता है.


कौन हैं बाबा श्याम 

हारे के सहारे बाबा श्याम को भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है. महाभारत युद्ध के दौरान भीम के पौत्र बर्बरीक कौरवों की तरफ से युद्ध में शामिल होने जा रहे थे. बताया जाता है, बर्बरीक के पास तीन ऐसी तीर थे, जो पूरे युद्ध को पलट सकते थे. इसी को लेकर भगवान कृष्ण ब्राह्मण के रूप में आए और उनसे शीश दान में मांग लिया. बर्बरीक ने भी बिना संकोच किए, भगवान कृष्ण को अपना शीश दान में दे दिया. तब भगवान कृष्ण ने प्रसन्न होकर बर्बरीक को कहा कि ” बर्बरीक तुम कलियुग में श्याम के नाम से पूजे जाओगे, तुम्हें लोग मेरे नाम से पुकारेंगे और तुम अपने भक्तों के हारे का सहारा बनोगे.

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होली वाले दिन जा रहे हैं खाटूश्याम जी मंदिर, तो रुक जाइए, नहीं कर पाएंगे दर्शन

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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