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1 हाथ नहीं, दोनों पैर नहीं… जब प्रेमानंद से मिलने पहुंचा कारगिल का हीरो, बताई अपनी शौर्य गाथा

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वृंदावन वाले प्रेमानंद जी महाराज को सुनने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं. हाल ही में करगिल युद्ध के योद्धा नायक दीपचंद भी उनसे मिलने पहुंचें. भारतीय सेना में शामिल होने के बाद दीपचंद ने 3 ऑपरेशन की कमान संभाली थी, जिसमें ऑपरेशन विजय कारगिल भी रहा. इसके बाद ऑपरेशन पराक्रम में उन्हें अपना एक हाथ और दोनों पैरों को गवाना पड़ गया. आइए जानते हैं प्रेमानंद जी महाराज नें दीपचंद से मुलाकात के दौरान क्या कहा…

दीपचंद को देखते ही प्रेमानंद जी महाराज का चेहरा खिल उठा. वह उन्हें देखते ही सैल्यूट किएं और कहां कि “मैं आपको बार-बार नमस्कार करता हूं.” सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दीपचंद को प्रेमानंद जी कहते हैं कि “मुझे बहुत ही सुख मिल रहा है. हमारे अंदर आनंद की एक प्रगति उठ रही है. आप एक संत ही हैं.” भेंट के दौरान दीपचंद प्रेमानंद जी को उस जंग के दौरान की कहानी बताते हैं, जिसमें वह दुश्मनों के निशाने पर आ गए थे.



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