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13 या 14 मार्च…! कब रखा जाएगा फाल्गुन माह पूूर्णिमा का व्रत? जानें शुभ मुहूर्त से लेकर स्नान-दान का महत्व

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Falgun Purnima 2025 Date: फाल्गुन मास की पूर्णिमा बेहद शुभ तिथि है. मान्यता है कि इस दिन स्नान-दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. आइए उज्जैन के आचार्य से जानते है इस बार फाल्गुन पूर्णिमा कब मनाई जाएगी.

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फाल्गुन

फाल्गुन पूर्णिमा 

हाइलाइट्स

  • फाल्गुन पूर्णिमा 14 मार्च को मनाई जाएगी.
  • स्नान-दान का शुभ मुहूर्त 14 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त में है.
  • फाल्गुन पूर्णिमा पर स्नान-दान से पुण्य की प्राप्ति होती है.

उज्जैन. हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन का महीना दान-पुण्य के लिए बेहद शुभ माना जाता है. इस माह की पूर्णिमा अत्यंत शुभ तिथि मानी गई है. इसी दिन होली का पावन त्योहार भी मनाया जाता है और पूर्णिमा का व्रत भी रखा जाता है. फाल्गुन पूर्णिमा का न केवल धार्मिक महत्व है, बल्कि ये सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी विशेष मानी गयी है. इस दिन रंगोत्सव के साथ ही स्नान दान करना भी अत्यंत शुभ फलदायक सिद्ध होता है. आइए उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज से जानते हैं, फाल्गुन माह की पूर्णिमा का धार्मिक महत्व.

कब मनाई जाएगी फाल्गुन माह की पूर्णिमा ?
वैदिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 13 मार्च गुरुवार के दिन सुबह 10 बजकर 38 मिनट से शुरू हो जाएगी और 14 मार्च को दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगी. उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा का व्रत और स्नान-दान 14 मार्च को ही किया जाएगा.

जानिए कब है स्नान-दान का शुभ मुहूर्त?
हिंदू धर्म में स्नान दान के लिए सबसे अच्छा समय ब्रह्म मुहूर्त माना गया है. 14 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 55 मिनट से 5 बजकर 44 मिनट तक रहेगा. इस दौरान आप स्नान-दान करके पुण्य फलों की प्राप्त कर सकते हैं. इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त में भी आप स्नान दान कर सकते हैं. अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 6 मिनट से दोपहर 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा.

क्या है फाल्गुन पूर्णिमा का धार्मिक महत्व?
फाल्गुन पूर्णिमा तिथि के दिन ब्रह्म मुहूर्त में नदी में स्नान करने का विशेष महत्व माना जाता है. फाल्गुन पूर्णिमा के दिन स्नान और दान करने से पुण्य मिलता है. पितरों के लिए तर्पण, दान, श्राद्ध करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. पितृ दोष से मुक्ति मिलती है. जो लोग व्रत रखकर पूजा करते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. फाल्गुन पूर्णिमा पर होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. इसलिए इस दिन होली का पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ में बनाया जाता है.

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कब रखा जाएगा फाल्गुन माह पूूर्णिमा का व्रत? जानें स्नान-दान का महत्व

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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