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23 या 24 फरवरी… कब है फाल्गुन माह की विजया एकादशी? जानें सही मुहूर्त और पूजा विधि

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Agency:Bharat.one Madhya Pradesh

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Vijaya ekadashi kab hai: फाल्गुन मास की पहली एकादशी, जो कि कृष्ण पक्ष की एकादशी होती है, इसको लेकर लोगों में तरीखों का उलझन है. इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है.

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विजया

विजया एकादशी 

हाइलाइट्स

  • विजया एकादशी 24 फरवरी को मनाई जाएगी।
  • विजया एकादशी का व्रत पापों का नाश करता है।
  • भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा करें।

उज्जैन. हिन्दू धर्म में हर तिथि हर व्रत का अलग-अलग महत्व है. साल में 24 एकादशी के व्रत रखें जाते हैं. हर महीने में 2 बार एकादशी व्रत किया जाता है. एक कृष्ण और दूसरा शुक्ल पक्ष में. धार्मिक मान्यता है कि एकादशी तिथि पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा करने से जातक को शुभ फल की प्राप्ति होती है. फाल्गुन मास की पहली एकादशी को भगवान विष्णु के निमित्त विजया एकादशी का व्रत किया जाता है. फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी कहा जाता है. आइए उज्जैन के पंडित आनंद भारद्वाज से जानते है. विजया एकादशी कब मनाई जाएगी और इसका धार्मिक महत्वपूर्ण क्या है.

कब मनाई जाएगी विजया एकादशी?
वैदिक पंचांग के अनुसार हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी कहा जाता है. इस वर्ष यह तिथि 23 फरवरी को दोपहर 1:55 बजे से प्रारंभ होकर 24 फरवरी को रात 1:44 बजे तक रहेगी. सनातन धर्म में उदया तिथि का महत्व अधिक होने के कारण, विजया एकादशी का व्रत 24 फरवरी को रखा जाएगा.

विजया एकादशी का क्या है धार्मिक महत्व ?
मान्यता है कि विजया एकादशी का व्रत करने से पापों का नाश होता है और व्यक्ति को सभी कार्यों में विजय प्राप्त होती है. वो जिस भी चीज में हाथ डालता है उसे सफलता मिलती है. बस साफ मन और शुद्ध भावना के साथ पूरी श्रद्धा से पूजा-अर्चना और व्रत करना चाहिए.

एकादशी व्रत के दिन यह करें
एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि के बाद व्रत संकल्प लें.पूजा के दौरान भगवान विष्णु को पीली मिठाई का भोग लगाना चाहिए, क्योंकि पीला रंग भगवान श्रीहरि का प्रिय माना जाता है. भगवान विष्णु के साथ-साथ देवी लक्ष्मी की भी पूजा करें. इस दिन पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना भी शुभ माना जाता है.

जरूर रखें इन बातों का ध्यान 
– एकादशी व्रत के दिन अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए.
– एकादशी का व्रत नहीं रखने वालों को भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए.
– एकादशी व्रत के दिन बाल, नाखून, और दाढ़ी कटवाने की भूल न करें.
– एकादशी व्रत के दिन ब्राह्मणों को कुछ दान अवश्य करना चाहिए.
– एकादशी व्रत के पारण करने के बाद अन्न का दान करना शुभ माना गया है.

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23 या 24 फरवरी… कब है फाल्गुन माह की विजया एकादशी? जानें सही मुहूर्त

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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