
कर्म फलदाता शनि देव को न्याय का देवता कहा जाता है. शनि की महादशा में व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार फल प्राप्त होता है.
Sash Panch Rajyog: कर्म फलदाता शनि देव को न्याय का देवता कहा जाता है. उनकी महादशा में व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार फल प्राप्त होता है. शनि देव की चाल भले ही धीमी हो लेकिन उनका न्याय और कर्मों का फल बहुत शीध्र मिलता है. बता दें कि शनि देव फिलहाल कुंभ राशि में हैं और मूल त्रिकोण स्थिति में हैं. ऐसे में शनि के स्वराशि होने के चलते शश नाम का राजयोग का निर्माण हो रहा है. इस शश पंच महापुरुष राजयोग का निर्माण होने के कारण कुछ जातकों को इसका पूर्ण लाभ मिलेगा.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब भी शनि तुला, मकर या फिर कुंभ राशि में लग्न या चंद्रमा से पहले, चौथे , सातवें या 10वें घर में होते हैं, तो इस स्थिति में शश राजयोग पंच महापुरुष योग बनता है. वहीं जिन लोगों की कुंडली में शश राज योग होता है उन्हें समाज में मान-सम्मान मिलता है. आइए इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.
1. वृषभ राशि
वृषभ राशि में शनि दसवें भाव में विराजमान हैं, इसलिए इस दौरान आपको नया घर, वाहन या फिर कोई प्रॉपर्टी खरीदने के योग बन सकते हैं. इसके साथ ही आपको इस राजयोग के फलस्वरुप अचानक धनलाभ हो सकता है. अगर नौकरी बदलना चाहते हैं तो करियर से संबंधित फैसले लेने के लिए भी यह समय अच्छा है.
2. तुला राशि
तुला राशि में शनिदेव 5वें स्थान में विराजमान हैं. ऐसे में तुला राशि के जातकों को भौतिक सुख-सुविधा का अनुभव होगा और समाज में मान-सम्मान में वृद्धि होगी. इसके साथ ही पद-प्रतिष्ठा में भी वृद्दि होगी. प्रतियोगी परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के लिए समय बहुत अच्छा साबित होगा.
3. मकर राशि
मकर राशि के दूसरे स्थान में शनि देव विराजमान रहेंगे. मकर राशि में साढ़ेसाती चल रही है और साढ़े साती का आखिरी चरण शुरू हो रहा है. ज्योतिष के अनुसार शनि देव जाते-जाते बहुत कुछ देकर जाते हैं. इसलिए इस साल आपके दामन में बहुत सारी खुशियां आने वाली हैं.
FIRST PUBLISHED : December 17, 2024, 07:30 IST
















