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4 या 5 दिसंबर, कब रखा जाएगा मार्गशीर्ष पूर्णिमा का व्रत? इस दिन सुख-समृद्धि के लिए ये उपाय जरूर करें

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Margashirsha Purnima 2025 Date: मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा बेहद शुभ तिथि है. मान्यता है कि इस दिन स्नान-दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. आइए उज्जैन के आचार्य से जानते हैं इस बार मार्गशीर्ष पूर्णिमा कब मनाई जाएगी.

Ujjain News: हिंदू पंचांग में मार्गशीर्ष माह को अत्यंत पवित्र और पुण्य बढ़ाने वाला बताया गया है. विशेष रूप से इस मास की पूर्णिमा तिथि को अत्यधिक शुभ और फलदायी माना जाता है. इस दिन गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान करने से ऊर्जा, सौभाग्य और आध्यात्मिक शुद्धि का लाभ मिलता है. मार्गशीर्ष पूर्णिमा धन-भाग्य बढ़ाने और जीवन में सकारात्मकता लाने का उत्तम अवसर मानी जाती है. इस वर्ष मार्गशीर्ष पूर्णिमा शुभ योगों में पड़ रही है, जिससे दान-पुण्य का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है. उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज ने मार्गशीर्ष पूर्णिमा का धार्मिक महत्व बताया, जानें…

कब मनाई जाएगी मार्गशीर्ष पूर्णिमा?
वैदिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 4 दिसंबर को सुबह 8 बजकर 37 मिनट से होगी वहीं 5 दिसंबर की सुबह 4 बजकर 43 मिनट पर पूर्णिमा तिथि समाप्त हो जाएगी. उदया तिथि के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 4 दिसंबर को ही रहेगी इसलिए मार्गशीर्ष पूर्णिमा का व्रत और लक्ष्मी पूजन 4 दिसंबर को करना ही सही माना जाएगा.

मार्गशीर्ष पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
हिंदू परंपरा में प्रत्येक पूर्णिमा का अपना पवित्र और शुभ महत्व माना गया है. यह तिथि सौभाग्य, धन-समृद्धि और मानसिक संतुलन को बढ़ाने वाली होती है. लेकिन, जब पूर्णिमा मार्गशीर्ष महीने में आती है, तो इसका प्रभाव और भी अधिक शक्तिशाली हो जाता है. इस तिथि को मार्गशीर्ष पूर्णिमा कहा जाता है. मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा अपनी सभी 16 कलाओं के साथ चमकता है, और उसकी दिव्य ऊर्जा जीवन में शांति, सुकून और सकारात्मकता का संचार करती है.

मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर जरूर करें ये काम 
मार्गशीर्ष पूर्णिमा का दिन विशेष रूप से पुण्यदायी माना जाता है. इस तिथि पर व्रत, पूजा और दान करने से भगवान विष्णु तथा माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और मन को शांति मिलती है. इस दिन भगवान सत्यनारायण की कथा करने से घर-परिवार में सुख, समृद्धि और सौभाग्य बढ़ता है. साथ ही व्रत रखकर चंद्र देव की आराधना करने से कुंडली से संबंधित चंद्र दोष भी शांत होता है. इस दिन तिल, गुड़, घी, कंबल, भोजन सामग्री या अपनी सामर्थ्य अनुसार धन का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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4 या 5 दिसंबर, कब है मार्गशीर्ष पूर्णिमा? इस दिन धन के लिए ये उपाय जरूर करें

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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