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5 हजार साल पुराना है यह शिवलिंग, पांडव पुत्र नकुल ने की थी इसकी स्थापना, जानिए मान्यता

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Agency:Bharat.one Uttar Pradesh

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Saharanpur Nakuleshwar Dham : कुरुक्षेत्र में युद्ध शुरू हुआ तब पांडवों में से एक सबसे खूबसूरत नकुल महाराज कि यहां पर छावनी लगी हुई थी .यहीं से युद्ध की तैयारी की जा रही थी भगवान शिव की आराधना करने के लिए नकुल …और पढ़ें

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कुरुक्षेत्र

कुरुक्षेत्र युद्ध के दौरान नकुल ने लगाई थी छावनी और बसाया था नगर

हाइलाइट्स

  • नकुलेश्वर महादेव मंदिर 5 हजार साल पुराना है.
  • पांडव पुत्र नकुल ने शिवलिंग की स्थापना की थी.
  • श्रावण मास में हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक करते हैं.

अंकुर सैनी/सहारनपुर: सहारनपुर में द्वापर युग में स्थापित पौराणिक नकुलेश्वर महादेव मंदिर ऐतिहासिक महत्व रखता है. महाभारत काल के दौरान पांडव पुत्र नकुल महाराज ने यहां अपनी सेना के साथ पड़ाव डाला था. उस समय यमुना नदी नगर नकुड़ से सट कर बहती थी. प्रमाण स्वरूप यमुना में स्नान के लिए मंदिर के पिछली तरफ बनी पौड़ी आज भी विद्यमान है. बताया जाता है कि भगवान शिव के परम भक्त नकुल महाराज ने यहां शिवलिंग की स्थापना की थी और पास ही एक कुआं भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए खुदवाया था. बताया जाता है कि महाराज नकुल के नाम पर ही इस नगर का नाम नकुल रखा गया था, जोकि बाद में बदल कर नकुड़ हो गया. शिवलिंग स्थापित होने के पश्चात पूजा अर्चना के लिए मंदिर का निर्माण कराया गया, जहां हर वर्ष श्रावण मास में हजारों श्रद्धालु आकर जलाभिषेक करते हैं. नकुलेश्वर महादेव सबकी मन्नतें पूरी करते हैं. मंदिर परिसर में खड़ा पीपल का पेड़ सदियों पुराना है. इस पेड़ में उभरी गणेशनुमा आकृति भी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है.

पांडव पुत्र नकुल ने बसाया था सहारनपुर का नकुड़ कस्बा

मंदिर कमेटी सदस्य विनोद कुमार वर्मा ने Bharat.one से बात करते हुए बताया कि वह पिछले 40 साल से मंदिर में रहकर महादेव की सेवा कर रहे हैं. इस मंदिर में विराजमान स्वयंभू शिवलिंग 5 हजार साल से भी अधिक पुराना है. जब कुरुक्षेत्र में युद्ध शुरू हुआ तब पांडवों में से एक सबसे खूबसूरत नकुल महाराज की यहां पर छावनी लगी हुई थी. यहीं से युद्ध की तैयारी की जा रही थी. भगवान शिव की आराधना करने के लिए नकुल ने यहां पर शिवलिंग की स्थापना की थी. इसके बाद यहां पर मंदिर निर्माण हुआ. नकुल के नाम पर ही इस कस्बे का नाम पड़ा. साथ ही यह मंदिर भी नकुलेश्वर धाम कहलाया. प्रदेश सरकार ने भी इस मंदिर के सौंदर्यकरण के लिए एक करोड़ 97 लाख रुपये आवंटन किए हैं. इस मंदिर में आस्था की अगर बात करें तो दूर-दूर से हजारों लोग पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं और उनकी मनोकामनाएं भी पूर्ण होती है. प्रत्येक वर्ष शिवरात्रि और सावन माह में यहां पर भव्य आयोजन भी होता है. सहारनपुर का यह कस्बा नकुड़ पांडव नकुल के द्वारा ही बसाया गया था.

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5 हजार साल पुराना है यह शिवलिंग, पांडव पुत्र नकुल ने की थी इसकी स्थापना

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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