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akhuratha sankashti Chaturthi kab hai 2025 date muhurat | Paush Sankashti Chaturthi December 2025 Date puja muhurat 5 shubh sanyog chand nikalne ka time | अखुरथ संकष्टी चतुर्थी कब है, 7 या 8 दिसंबर? बन रहे 5 शुभ संयोग, जानें सही तारीख, मुहूर्त, चांद निकलने का समय

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Sankashti Chaturthi December 2025 Date: अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का व्रत हर साल पौष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. पंचांग के अनुसार, इस बार अखुरथ संकष्टी चतुर्थी के दिन 5 शुभ संयोग बन रहे हैं. लेकिन इस बार सवाल यह है कि अखुरथ संकष्टी चतुर्थी कब है, 7 दिसंबर को या फिर 8 दिसंबर को? दरअसल पौष कृष्ण चतुर्थी तिथि दोनों ही दिन है. ऐसे में लोगों को सही तारीख को लेकर कन्फ्यूजन हो रहा है. किस दिन व्रत रखना सही है? आइए जानते हैं कि अखुरथ संकष्टी चतुर्थी कब है? अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का मुहूर्त, चंद्रोदय समय क्या है?

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी तिथि मुहूर्त

दृक पंचांग के अनुसार, अखुरथ संकष्टी चतुर्थी के लिए आवश्यक पौष कृष्ण चतुर्थी तिथि 7 दिसंबर को शाम में 6 बजकर 24 मिनट से शुरु हो रही है और इसका समापन 8 दिसंबर को शाम 4 बजकर 3 मिनट पर होगा.

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी की सही तारीख

उदयातिथि के आधार पर देखा जाए तो पौष कृष्ण चतुर्थी तिथि 8 दिसंबर दिन सोमवार को है, लेकिन उस दिन चंद्रोदय चतुर्थी तिथि में नहीं है. 7 दिसंबर का चंद्रोदय चतुर्थी तिथि में हो रहा है.

शास्त्रों के अनुसार, संकष्टी चतुर्थी का व्रत चतुर्थी तिथि के चंद्रमा को अर्घ्य देने से पूर्ण होता है. इस आधार पर अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का व्रत 7 दिसंबर रविवार को है. इस दिन ही गणेश जी की पूजा होगी और चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाएगा.

5 शुभ संयोग में अखुरथ संकष्टी चतुर्थी

7 दिसंबर को अखुरथ संकष्टी चतुर्थी पर 5 शुभ संयोग बन रहे हैं. अखुरथ संकष्टी चतुर्थी के दिन शुक्ल योग, ब्रह्म योग, रवि पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और पुनर्वसु नक्षत्र का संयोग बन रहा है, इस वजह से संकष्टी चतुर्थी का व्रत और भी पुण्य फलदायी हो गया है.

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी पर शुक्ल योग प्रात:काल से लेकर रात 8 बजकर 07 मिनट तक है, उसके बाद से ब्रह्म योग बनेगा. व्रत के दिन पुनर्वसु नक्षत्र प्रात:काल से लेकर 8 दिसंबर को तड़के 4 बजकर 11 मिनट तक है, उसके बाद से पुष्य नक्षत्र है.

चतुर्थी तिथि में 8 दिसंबर को रवि पुष्य योग तड़के 4 बजकर 11 मिनट से सुबह 7 बजकर 02 मिनट तक है. वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग भी 8 दिसंबर को 04:11 ए एम से लेकर 07:02 ए एम तक है. ये सभी शुभ फलदायी संयोग बने हैं.

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी मुहूर्त

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:12 ए एम से 06:06 ए एम तक है, यह स्नान के लिए उत्तम समय है. इस दिन का अभिजीत मुहूर्त यानि शुभ समय 11:52 ए एम से दोपहर 12:33 पी एम तक है. जो लोग व्रत रखेंगे, वे गणेश जी की पूजा लाभ-उन्नति मुहूर्त 09:37 ए एम से 10:55 ए एम के बीच या फिर अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 10:55 ए एम से 12:13 पी एम के बीच कर सकते हैं.

संकष्टी चतुर्थी पर चांद निकलने का समय

7 दिसंबर को संकष्टी चतुर्थी का चांद शाम को 7 बजकर 55 मिनट पर निकलेगा. व्रती इस समय में चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपने व्रत को पूरा करें.

चतुर्थी पर स्वर्ग की भद्रा

संकष्टी चतुर्थी के दिन भद्रा लग रही है, जिसका वास स्वर्ग में है. भद्रा का प्रारंभ सुबह 07:50 ए एम से होगा और समापन शाम को 06:24 पी एम पर होगा. स्वर्ग की भद्रा का अशुभ प्रभाव धरती पर नहीं होता है, इसलिए आप शुभ कार्य इस समय में कर सकते हैं.

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का महत्व

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के अखुरथ स्वरूप की पूजा करते हैं. उनके आशीर्वाद से भक्तों के संकट दूर होते हैं. संकष्टी चतुर्थी का अर्थ है संकटों को दूर करने वाली चतुर्थी. इस व्रत को करने से कार्य सफल होते हैं.

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