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Hyderabad News : श्री राम चंद्र स्वामी मंदिर शमशाबाद का 800 वर्ष पुराना अम्मापल्ली मंदिर अपनी अनोखी वास्तुकला, मूंछों के बिना भगवान राम की प्रतिमा और टॉलीवुड की शूटिंग के लिए प्रसिद्ध है. काकतीय वंश के शासनकाल में निर्मित यह मंदिर लगभग 800 वर्ष पुराना माना जाता है. मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसका सात मंजिला गोपुरम है, जिसे राजस्थानी और दक्षिण भारतीय स्थापत्य कला के अनोखे संगम से तैयार किया गया है.
हैदराबाद. दक्षिण भारतीय सिनेमा टॉलीवुड की फिल्मों में आपने अक्सर एक भव्य मंदिर, ऊंचा गोपुरम और शांत तालाब देखा होगा. यह कोई फिल्मी सेट नहीं बल्कि हैदराबाद के शमशाबाद में स्थित 13वीं शताब्दी का श्री राम चंद्र स्वामी मंदिर है, जिसे अम्मापल्ली मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. अपनी प्राचीन वास्तुकला और अनोखी धार्मिक मान्यताओं के कारण यह मंदिर आज केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि फिल्म निर्देशकों की पहली पसंद भी बन चुका है.
काकतीय वंश के शासनकाल में निर्मित यह मंदिर लगभग 800 वर्ष पुराना माना जाता है. मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसका सात मंजिला गोपुरम है, जिसे राजस्थानी और दक्षिण भारतीय स्थापत्य कला के अनोखे संगम से तैयार किया गया है. मंदिर की दीवारों पर की गई बारीक नक्काशी और इसके विशाल गलियारे उस दौर की भव्यता और कलात्मकता को जीवंत कर देते हैं. मंदिर के प्रवेश द्वार के सामने स्थित विशाल तालाब इसके सौंदर्य को और भी आकर्षक बनाता है, जो दूर से ही श्रद्धालुओं का मन मोह लेता है.
मूंछों के बिना भगवान राम की दुर्लभ प्रतिमा
धार्मिक दृष्टि से इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित भगवान राम की प्रतिमा है. आमतौर पर प्राचीन मंदिरों में भगवान राम को वीर या रौद्र स्वरूप में दर्शाया जाता है, लेकिन अम्मापल्ली मंदिर में भगवान राम की प्रतिमा बिना मूंछों के है. इस प्रतिमा में उनके चेहरे पर सौम्यता, शांति और करुणा का भाव स्पष्ट दिखाई देता है. भगवान राम के साथ माता सीता और लक्ष्मण की मूर्तियां भी एक ही पत्थर से निर्मित हैं, जो इसे कलात्मक और धार्मिक दोनों दृष्टियों से बेहद खास बनाती हैं.
टॉलीवुड के लिए लकी चार्म बना मंदिर
फिल्मी दुनिया में इस मंदिर को बेहद शुभ माना जाता है. स्थानीय लोगों और फिल्म इंडस्ट्री में यह चर्चा आम है कि यहां शूटिंग करने वाली अधिकांश फिल्में सफल साबित होती हैं. मेगास्टार चिरंजीवी से लेकर महेश बाबू और पवन कल्याण तक दक्षिण भारत के लगभग सभी बड़े सितारे इस मंदिर में अपनी फिल्मों की शूटिंग कर चुके हैं. सिर्फ तेलुगु ही नहीं, बल्कि कई हिंदी और तमिल फिल्मों के अहम दृश्य भी इसी अम्मापल्ली मंदिर में फिल्माए गए हैं.
श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए शांति का केंद्र
शमशाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित होने के बावजूद इस मंदिर का वातावरण बेहद शांत और सुकून देने वाला है. शनिवार और रविवार को यहां श्रद्धालुओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में पर्यटक भी पहुंचते हैं. मंदिर परिसर के चारों ओर फैले नीम और ताड़ के पेड़ इस स्थान को प्राकृतिक और आध्यात्मिक आभा प्रदान करते हैं. यही कारण है कि अम्मापल्ली मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि शांति और आध्यात्मिक अनुभव की तलाश करने वालों के लिए भी एक खास ठिकाना बन चुका है.
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नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें

















