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Basant panchami 2025 shani dev will transit on basant panchami three special yogas are being formed

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Agency:Bharat.one Rajasthan

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Basant Panchami 2025: इस बार बसंत पंचमी दो फरवरी को है. इस दिन मां सरस्तवी की पूजा-अर्चना की की जाती है. पंडित कमलेश व्यास के मुताबिक 2 फरवरी को सुबह 8.51 बजे शनि देव पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में गोचर करेंगे, जह…और पढ़ें

बसंत पंचमी के दिन बन रहे तीन विशेष योग, मां सरस्वती को ऐसे करें खुश

बसंत पंचमी की फाइल फोटो

भीलवाड़ा. हिंदू धर्म में बसंत पंचमी का बहुत बड़ा महत्व है. इस दिन शिक्षा की देवी माता सरस्वती की पूजा हर विद्यालय, गुरुकुल और कॉलेज सहित मंदिरों में की जाती है. माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को बसंत पंचमी के रूप में मनाई जाती है. इस बार बसंत पंचमी 2 फरवरी को है. इसे प्रकृति का उत्सव भी कहा जाता है. प्रकृति ने भी फूलों का शृंगार ओढ़ना शुरू कर दिया है. शहर में भी प्रकृति के बसंती रंग दिखने लगे हैं.

भीलवाड़ा शहर के बाग, बगीचे विभिन्न तरह के फूलों से महक उठे हैं. ऐसे में बसंत के स्वागत के साथ ही ज्ञान की देवी मां सरस्वती का पूजन किया जाता है. बच्चों का विद्यारंभाती संस्कार भी इसी दिन किया जाता है. इस दिन स्वयं सिद्ध मुहूर्त होता है, इसलिए बिना मुहूर्त के विवाह संपन्न किए जाते हैं. बसंत पंचमी के दिन शनि देव गोचर करने वाले हैं.

बसंत पंचमी को बन रहे तीन विशेष योग

नगर व्यास पंडित कमलेश व्यास ने बताया कि 2 फरवरी को सुबह 8 बजकर 51 मिनट पर कर्मफल दाता शनि पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में गोचर करेंगे, जहां पर वह 2 मार्च तक विराजमान रहेंगे. बसंत पंचमी के दिन शिव योग, सिद्ध योग और साध्य योग का भी अद्भुत संयोग बन रहा है. इस दौरान सभी प्रकार के शुभ कार्य करना श्रेष्ठ रहता है यह अबूझ मुहूर्त माना गया है. इस दिन शादी-ब्याह संबंधित व वाहन, व्यापार, वस्त्राभूषण आदि खरीदना श्रेष्ठ रहेगा.

बसंत पंचमी पर होती हैं  मां सरस्वती की पूजा

नगर व्यास पंडित कमलेश व्यास ने बताया कि ज्ञान की देवी मां सरस्वती माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ही ब्रह्माजी के मुख से प्रकट हुई थीं. इसलिए, बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है. सरस्वती मां को ज्ञान की देवी कहा जाता है. इस दिन पूरे विधि-विधान से मां सरस्वती की पूजा करने से वो प्रसन्न होती है. मां सरस्वती का विधिपूर्वक स्मरण व पूजा करने से भक्त को बुद्धि और विद्या का वरदान मिलता है. इस दिन सबसे पहले पीले वस्त्र धारण कर लें. बसंत पंचमी के दिन देवी मां को सफेद वस्त्र अर्पित करें. साथ ही खीर अथवा दूध से बने प्रसाद का भोग मां सरस्वती को लगाएं.

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बसंत पंचमी के दिन बन रहे तीन विशेष योग, मां सरस्वती को ऐसे करें खुश

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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