Last Updated:
Chandra Grahan Rules: चंद्र ग्रहण के समय कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होता है. देवघर के ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इस दौरान क्या करने से बचना चाहिए वर्ना नकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं.
यह चंद्र ग्रहण भारत के अलावा एशिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका, अंटार्कटिका जैसी जगहों पर भी दिखाई देने वाला है. वहीं कुछ ऐसे भी काम होते हैं जो ग्रहण काल के समय बिल्कुल भी नहीं करने चाहिए, वरना जीवन में बड़ा नुकसान हो सकता है. इस दौरान क्या नहीं करना चाहिए जानते हैं देवघर के ज्योतिषाचार्य से?
देवघर के पागल बाबा आश्रम स्थित मुद्गल ज्योतिष केंद्र के जाने-माने ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने Bharat.one से बातचीत करते हुए कहा कि इस साल भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि यानी 7 सितंबर को साल का अंतिम चंद्र ग्रहण लगने वाला है. यह चंद्र ग्रहण रात 9 बजकर 58 मिनट से शुरू होगा और खत्म देर रात 01 बजकर 26 मिनट में होगा. चंद्र ग्रहण से ठीक 9 घंटे पहले ही सूतक काल लग जाता है और सूतक काल से लेकर ग्रहण के समय तक कुछ ऐसे काम होते हैं जो बिल्कुल भी नहीं करने चाहिए.
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण को अशुभ माना गया है इसलिए ग्रहण के समय खासकर गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए. वरना आने वाले बच्चे पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.
सूतक काल लग जाने के बाद ना करें पूजा-पाठ
ग्रहण से ठीक 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है जो अशुभ होता है. इसलिए ग्रहण के 9 घंटे पहले से ही मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पाठ वर्जित हो जाता है. इसलिए ग्रहण के 9 घंटे पहले से ही पूजा-पाठ ना करें.
ग्रहण काल के समय खाना खाने से पाचन शक्ति पर नकारात्मक असर पड़ता है. इसलिए भोजन हमेशा ग्रहण लगने से पहले ही कर लेना चाहिए और ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान कर भोजन करना चाहिए.
तुलसी का पत्ता ना तोड़ें
ग्रहण काल के समय तुलसी का पत्ता छूना भी अशुभ होता है. इससे मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं और जीवन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. इस समय कोई भी देवी-देवता न छुएं. तुलसी वैसे भी रात में नहीं तोड़नी चाहिए पर सूतक लगने के बाद से ही तुलसी जी न छुएं.
ग्रहण के समय नुकीली चीजों का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए. इससे जीवन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है और कई तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

















