दरभंगा:- लोक आस्था का महापर्व छठ काफी संयम से किया जाता है और यह बिहार में काफी प्रसिद्ध भी है. बताया जाता है कि इस दिन नमक बिल्कुल वर्जित रहता है और पूरी तरह से पवित्रता के साथ इस व्रत को किया जाता है. आखिर इस व्रत में अगर आपसे कोई गलती हो जाती है, तो क्या आपको पता है कि छठी मैया आपको किस प्रकार से सजा देती हैं. इस पर ज्योतिषाचार्य डॉ. कुणाल कुमार झा Bharat.one के द्वारा जानकारी देते हैं.
इन चीजों का रखें विशेष ध्यान
ज्योतिषाचार्य डॉ. कुणाल कुमार बताते हैं कि छठी अर्थात उसे खष्टी भी कहा जाता है, तो यहां खष्टम भगवती है, वो कात्यायनी भगवती हैं. कात्यायनी अर्थात दुर्गा का स्वरूप है और उनका भी महत्व विशेष है. इस पर्व पर नमक का प्रयोग कदापी नहीं करना चाहिए और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए. किसी प्रकार की कोई भी अपवित्रता की गुंजाइश न हो. इस पर्व में नया चूल्हा होना चाहिए, वो भी मिट्टी का. साथ ही आम का जलावन होना चाहिए. इसमें पंचगव्य का विशेष महत्व है, क्योंकि पंचगव्य के छिड़काव करने के बाद ही चूल्हे की स्थापना कर उस पर पकवान बनता है. इस पर्व में पुराने वस्त्र का प्रयोग नहीं करना चाहिए. साथ में पुराने बर्तन का भी उपयोग नहीं करना चाहिए.
भूल की, तो देवी का बरसेगा प्रकोप
डॉ. कुणाल कुमार Bharat.one को आगे बताते हैं कि इसमें कोनिया और सूप बांस का होना चाहिए. ऐसा वंश वृद्धि के लिए किया जाता है. गोत्र की वृद्धि हो, वंश की वृद्धि हो, इसलिए बांस से निर्मित इन चीजों का उपयोग किया जाता है. यदि आप इस पर्व के दौरान इस प्रकार की गलतियां करते हैं, तो ऐसे में देवी के प्रकोप के आप भागी बनेंगे, जिसमें आपको चर्म रोग की समस्याएं होगी, माइग्रेन से संबंधित बीमारियां होगी, साइनेक्स, सिर दर्द की तमाम बीमारियां उस प्रकोप के कारण बढ़ जाती हैं.
FIRST PUBLISHED : November 5, 2024, 18:48 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

















