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Chhath Puja 2025 : छठ पर्व पर कृत्रिम कुंड या बाथ टब में सूर्य को अर्घ्य देना सही या गलत? जानें काशी के ज्योतिषी की राय

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Chhath Puja 2025 : छठ पर्व पर कई लोग घरों में कृत्रिम कुंड या बाथ टब में जल भरकर सूर्य को अर्घ्य देते हैं. लेकिन क्या ऐसा करना धार्मिक रूप से उचित है. आइए जानते है काशी की ज्योतिषी से ये करना कितना सही है.

वाराणसी : सूर्य उपासना के महापर्व छठ की छठा पूरे देश में दिखाई दे रही है. इस महापर्व के दौरान कुंड, सरोवर और नदी किनारे महिलाएं पूजन करती है और आज इस महापर्व के तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य देती हैं. बिहार से लेकर यूपी और दिल्ली समेत कई राज्यों में इस महापर्व की खासी रंगत दिखती है. बदलते दौर में भीड़-भाड़ से दूर लोग अपने घर के छतों पर भी लोग सहूलियत के हिसाब से पूजा कर रहे हैं. छत पर ही वेदी और कृत्रिम कुंड बनाकर छठी मैया की पूजा महिलाएं करती हैं. घर के छत पर छठ की पूजा करना कितना सही है. शास्त्रों में इसके क्या नियम है? आइए जानते हैं.

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के ज्योतिष विभाग के प्रोफेसर पंडित सुभाष पांडेय ने बताया कि छठ के महापर्व पर परंपरा है कि सरोवर या नदी के तट पर उसके जल में आधा प्रवेश कर भगवान सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए. बिहार और यूपी में इस परंपरा को आज भी निभाया जाता है. लेकिन बड़े शहरों में लोग अब छत पर कृत्रिम कुंड बनाकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दे रहे हैं.

कुंड बनाने के बाद जरुर करें ये काम
सनातन धर्म में ये विधान है कि आप जिस भी जगह सच्चे मन से देवी देवताओं का आह्वान करते है वो वहां अदृश्य रूप में मौजूद रहते हैं. ऐसे में यदि छत पर कृत्रिम कुंड बनाकर उसमें जल भरकर गंगा जल या किसी भी पवित्र नदी के जल की कुछ बूंदे उसमें डालते है तो वो कुंड भी उस पवित्र नदी के समान ही हो जाता है. उसके बाद वहां वायु देवता का आह्वान भी करना चाहिए. ऐसा करने से छत पर भी पूजा करने और अर्ध्य देने वालों को इस महाव्रत का पूरा फल मिलता है.

शुद्धता और सुचिता का रखें विशेष ध्यान
गौरतलब है कि छठ के महाव्रत में शुद्धता और सुचिता का विशेष ख्याल रखना चाहिए. यह व्रत सबसे कठिन व्रत में से एक है. इस व्रत में महिलाएं 36 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं. नहाय खाय से इस पर्व की शुरुआत होती है और फिर चौथे दिन उगते सूर्य को अर्ध्य देकर इस व्रत का समापन होता है. यह पूजा विशेष तौर पर प्रकृति की पूजा है. कलयुग में एकमात्र सूर्य देवता ही ऐसे देवता है जिनके साक्षात दर्शन होते हैं.

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mritunjay baghel

मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु…और पढ़ें

मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु… और पढ़ें

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छठ पर्व पर कृत्रिम कुंड या बाथ टब में सूर्य को अर्घ्य देना सही या गलत?

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