ओम प्रयास / हरिद्वार. देव दिवाली हिंदू धर्म में विशेष पर्वों में आती है. वैदिक पंचांग के अनुसार देव दिवाली कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है. देव दिवाली, दिवाली के कुछ दिन बाद मनाया जाने वाला हिंदू धर्म का विशेष पर्व है, जो हर साल करीब नवंबर के महीने में मनाया जाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार देव दिवाली के पर्व को भगवान शिव का जन्म दिवस मनाया जाता है. जिसे विधि विधान से मनाने पर विशेष फलों की प्राप्ति, सभी दुखों से छुटकारा और भगवान शिव की कृपा दृष्टि बनी रहती है. देव दीपावली के दिन गंगा में स्नान करने, घरों में दीपक जलाने, गंगा किनारे 365 दीपक जलाने और भगवान शिव की आराधना करने का सबसे अधिक महत्व बताया गया है. मान्यता है कि ऐसा करने पर सभी पाप खत्म होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है.
देव दिवाली पर गंगा किनारे 365 दीपक जलने के महत्व की ज्यादा जानकारी Bharat.one को देते हुए हरिद्वार के ज्योतिषी पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि देव दीपावली का पर्व भगवान शिव को समर्पित है. हिंदू धर्म में देव दीपावली का पर्व विधि विधान से मनाने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है. साल 2024 में देव दीपावली का पर्व 15 नवंबर शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा. देव दीपावली के दिन शाम के समय हरिद्वार हर की पौड़ी या गंगा किनारे 365 दीपक जलाने पर हर दिन के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और आने वाला वर्ष सुख, शांति, खुशहाली लेकर आता है.
पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि हर की पौड़ी या गंगा किनारे 365 दीपक श्रद्धा भक्ति भाव से भगवान शिव के निमित्त जलाए जाते हैं. जिससे भगवान शिव प्रसन्न होकर सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और जीवन में चल रही सभी परेशानियां, दुख हमेशा के लिए खत्म हो जाते हैं. देव दीपावली के दिन गंगा किनारे 365 दीपक अपनी सामर्थ्य अनुसार जला सकते हैं. ऐसा करने पर भोलेनाथ सदैव कृपा दृष्टि बनाए रखते हैं जिसे सभी पाप खत्म होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है.
Note: देव दीपावली के दिन गंगा किनारे 365 दीपक जलाने की ज्यादा जानकारी करने के लिए आप हरिद्वार के ज्योतिषी पंडित श्रीधर शास्त्री से उनके फोन नंबर 9557125411 और 9997509443 पर संपर्क कर सकते हैं.
FIRST PUBLISHED : November 10, 2024, 13:50 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

















