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Dhanteras 2024: धन, खजाने और जेवरात से भर जाएगा घर! धनतेरस पर ऐसे करें पूजा, इतने बजे है शुभ मुहूर्त

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Dhanteras Puja 2024: दीपावली की शुरुआत धनतेरस से ही शुरू हो जाती है. छोटी दीपावली से एक दिन पहले धनतेरस का पर्व सनातन धर्म में धूमधाम के साथ मनाया जाता है. इस दिन पूजा-पाठ करने वक्त समय का खास ख्याल रखना चाहिए. धनतेरस के दिन सच्चे दिल से पूजा करने से घर से पैसों की तंगी दूर हो जाती है.

धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त
अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 29 अक्टूबर को सुबह 10:31 पर शुरू हो रही है, जिसका समापन 30 अक्टूबर को दोपहर 1:15 पर होगा. सनातन धर्म में सूर्य उदय से तिथि की गणना की जाती है. ऐसी स्थिति में धनतेरस का पर्व 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा. तो वहीं धनतेरस में पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:31 से लेकर रात्रि 8:13 तक रहेगा. ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:48 से लेकर 5:40 तक रहेगा, तो वहीं प्रदोष काल शाम 5:38 से लेकर रात 8:13 तक रहेगा.

धनतेरस के दिन कैसे पूजा करें
धनतेरस के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर साफ वस्त्र धारण करना चाहिए. उसके बाद मंदिर की साफ सफाई करनी चाहिए. भगवान सूर्य को जल अर्पित करना चाहिए. एक चौकी पर माता लक्ष्मी भगवान धन्वंतरि और कुबेर महाराज की प्रतिमा को स्थापित करना चाहिए. दीप जलाकर चंदन का तिलक लगाना चाहिए इसके बाद पूजा आराधना करनी चाहिए. पूजा आराधना करने के बाद आरती करनी चाहिए. इसके बाद मिठाई अथवा फल आदि का भोग लगाना चाहिए.

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अयोध्या के प्रसिद्ध ज्योतिष कौशल्या नंदन वर्धन ने बताया कि भगवान धन्वंतरि का जन्म भी धनतेरस के दिन हुआ था. भगवान धन्वंतरि भगवान के अंशाअवतार माने जाते हैं. इनका ध्यान और पूजन करने से जीवन में आ रही तमाम तरह की परेशानियों से मुक्ति मिलती है. प्रत्येक वर्ष कार्तिक माह में धनतेरस का पर्व मनाया जाता है. इस वर्ष यह पर्व 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा. इस दिन सुबह 10:51 के बाद से त्रयोदशी तिथि की शुरुआत हो रही है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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