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Ayodhya Ram Lalla Ram Mandir Dhwajarohan: अयोध्या के रामलला मंदिर के शिखर पर ध्वाजारोहण को लेकर संत समाज में खासा उत्साह है. कई संतों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राम मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराया जाना करोड़ों राम भक्तों के लिए गर्व का पल है. उनका मानना है कि पीएम मोदी के प्रयासों से अयोध्या का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गौरव नई ऊंचाई पर पहुंचा है. आइए जानते हैं संत समाज के साथ-साथ इकबाल अंसारी ने क्या कहा…
Ayodhya Ram Lalla Ram Mandir Dhwajarohan: रामनगरी अयोध्या एक बार फिर अपने भव्य और ऐतिहासिक उत्सव के लिए पूरी तरह तैयार है. मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था इसलिए इस तिथि को विवाह पंचमी के नाम से जाना जाता है. इस बार विवाह पंचमी की शुभ तिथि 25 नवंबर दिन मंगलवार को है. विवाह पंचमी के उपलक्ष्य पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में ध्वजारोहण समारोह होने वाला है और इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद शामिल होंगे. वे राम मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराएंगे. प्रधानमंत्री मोदी के अयोध्या के आने पर अयोध्या भूमि विवाद मामले में बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार हाशिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी का बयान आया है. आइए जानते हैं संत समाज के साथ साथ इकबाल अंसारी ने क्या कहा है…
अयोध्या के साधु-संत समाज के आए बयान
जगत गुरु परमहंस आचार्य जी महाराज ने बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या को सिर्फ निखारा ही नहीं, बल्कि इसे त्रेतायुग जैसा स्वरूप दिया है. जो लोग आज अयोध्या आ रहे हैं, उन्हें और जो पहले आते थे, उन्हें इसका अंतर साफ दिखाई दे रहा है. वेदों, पुराणों और शास्त्रों में जैसे अयोध्या का वर्णन है, उसी तरह अब वास्तविक अयोध्या दिख रही है. यह जगह केवल भगवान श्रीराम की जन्मभूमि ही नहीं, बल्कि मानवता और सभ्यता का केंद्र भी है.
अघोषित रूप में हिंदू राष्ट्र की घोषणा
उन्होंने कहा कि इस धर्मध्वज की स्थापना एक तरह से अघोषित रूप में हिंदू राष्ट्र की घोषणा है. हिंदू राष्ट्र का मतलब है रामराज और मानवता की स्थापना. वे बताते हैं कि हिंदुत्व का अर्थ केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे विश्व के कल्याण के लिए सोचना है. यही संदेश इस ध्वज स्थापना के माध्यम से दिया जा रहा है. पूरी दुनिया में इसका असर धीरे-धीरे दिखाई देगा. इससे नफरत का माहौल कम होगा और प्रेम, भाईचारे और मानवता की भावना लोगों में मजबूत होगी. यह सिर्फ अयोध्या या भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में सकारात्मक बदलाव लाएगा.
अब 25 नवंबर को धर्मध्वज की स्थापना होगी
अन्य संत ने कहा कि नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जो अयोध्या कई बार आए हैं. यह काबिल-ए-तारीफ है. संत ने आगे कहा कि हम सब खुश हैं कि उनके कार्यकाल में इतने बड़े और महत्वपूर्ण काम हो रहे हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे ही और कई पहल जारी रहेंगी. संत ने बताया कि राम मंदिर का भूमि पूजन पीएम मोदी ने किया, इसका उद्घाटन भी उन्होंने किया और अब 25 नवंबर को धर्मध्वज की स्थापना भी उनके हाथों होगी. लोगों में इसे देखने की बेहद उत्सुकता है और पूरा शहर इस ऐतिहासिक पल का बेसब्री से इंतजार कर रहा है.
इकबाल अंसारी का आया बयान
वहीं, इकबाल अंसारी ने कहा कि पीएम मोदी के प्रयासों की वजह से आज अयोध्या इतनी सुंदर बन गई है. उन्होंने बताया कि अयोध्या में हर धर्म और समुदाय के देवता मौजूद हैं और भगवान राम खुद इस शहर की रक्षा कर रहे हैं. अंसारी का कहना है कि पीएम मोदी बहुत ही भाग्यशाली हैं कि मंदिर के ध्वज फहराने का मौका मिल रहा है. इससे बेहतर और कुछ नहीं हो सकता. यह शहर गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक है.
मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ें

















