Last Updated:
Jitiya Vrat 2025: जितिया महापर्व मिथिलांचल में 13 से 15 सितंबर तक मनाया जाएगा, जिसमें महिलाएं पुत्र और परिवार की रक्षा हेतु कठिन निर्जला व्रत रखती हैं. क्या है इसका महत्व और पूजी विधि आइये जानते हैं.
डॉ कुणाल कुमार झा, अध्यक्ष, स्नातकोत्तर ज्योतिष विभाग, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय बताते हैं कि जितिया व्रत (महालक्ष्मी व्रत) मिथिलांचल में विशेष महत्व रखता है. यह पर्व संतान कल्याण और उन्नति के लिए किया जाता है, जिसमें महिला वर्ग विशेष आराधना करते हैं.
एकभुक्त: इस दिन व्रती महिलाएं मरुआ की रोटी और मछली खाती हैं. यह व्रत के पहले दिन का विशेष विधान है.
उठगन: रात में उठगन होता है, जो मिथिलांचल में दही-चूड़ा से किया जाता है. यह परंपरा पर्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
14 सितंबर: निर्जला व्रत
निर्जला व्रत: इस दिन महिलाएं पूर्ण व्रत रखती हैं, जिसमें दिन-रात जल भी ग्रहण नहीं किया जाता. यह व्रत अत्यंत कठिन माना जाता है. व्रती महिलाएं पूरी तरह निर्जल रहकर व्रत का पालन करती हैं.
पारण का समय: 15 सितंबर को सुबह 6:36 के बाद व्रती महिलाएं पारण करेंगी. पारण के साथ इस कठिन व्रत का समापन होता है, जो पुत्र की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है.
जितिया महापर्व का सांस्कृतिक महत्व मिथिलांचल में जितिया एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और धार्मिक अवसर है. महिलाएं इसे श्रद्धा से मनाती हैं, परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. यह मिथिला की समृद्ध परंपराओं का हिस्सा है.
विशेष सुझाव- व्रत करने वाली महिलाओं को पारंपरिक नियमों का पालन करना चाहिए. स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है, खासकर निर्जला व्रत में. डॉ कुणाल कुमार झा कहते हैं कि विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से शुभ फल मिलते हैं.

with more than 4 years of experience in journalism. It has been 1 year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am covering hyperlocal news f…और पढ़ें
with more than 4 years of experience in journalism. It has been 1 year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am covering hyperlocal news f… और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

















