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Karwa Chauth 2025। करवा चौथ व्रत पारण कब करें

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Karwa Chauth 2025 Paran Vidhi: करवा चौथ का यह व्रत न सिर्फ धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है बल्कि पति-पत्नी के रिश्ते में प्यार, विश्वास और समर्पण भी बढ़ाता है. सही विधि से पारण करने पर व्रत का पूरा फल मिलता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है.

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ऐसे करें पारण, मिलेगा व्रत का पूरा फल और पति की लंबी उम्र का आशीर्वादकरवा चौथ व्रत पारण

Karwa Chauth Parna Method: करवा चौथ हर सुहागिन महिला के जीवन में खास महत्व रखता है. यह व्रत पति की लंबी उम्र, खुशहाली और घर में सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है. व्रत की खास बात यह है कि इसे निर्जल रखा जाता है और दिन भर भूख-प्यास सहकर महिलाएं अपनी भक्ति दिखाती हैं. करवा चौथ सिर्फ एक धार्मिक दिन नहीं है, बल्कि यह पति-पत्नी के रिश्ते में प्यार, विश्वास और समर्पण को भी मजबूत करता है. इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करके अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं. करवा चौथ का व्रत और पारण सही विधि से करना बेहद जरूरी है, ताकि व्रत का पूरा फल मिल सके. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.

करवा चौथ का व्रत क्यों महत्वपूर्ण है?
करवा चौथ का व्रत विवाहित महिलाओं के लिए बहुत अहम माना जाता है. मान्यता है कि यह व्रत पति की लंबी उम्र और घर में खुशहाली लाता है. इस दिन सुबह सरगी खाकर व्रत शुरू होता है और सूरज डूबने तक निर्जल व्रत रखा जाता है. शाम को सोलह श्रृंगार के साथ पूजा की जाती है और व्रत कथा सुनी जाती है. इस दिन महिलाओं द्वारा भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश जी और करवा माता की पूजा करने से घर में सुख-शांति और सौभाग्य बढ़ता है.

करवा चौथ 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
इस साल महिलाओं में थोड़ी उलझन है कि व्रत 09 अक्टूबर को रखा जाए या 10 अक्टूबर को. पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि की शुरुआत 09 अक्टूबर 2025, रात 10:54 बजे और समापन 10 अक्टूबर 2025, शाम 07:38 बजे होगा. वैदिक नियम के अनुसार सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो वही सही मानी जाती है. इसलिए, करवा चौथ 2025 10 अक्टूबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा. इस दिन पूजा करना और व्रत करना शुभ रहेगा.

करवा चौथ व्रत पारण विधि
करवा चौथ का व्रत पारण सबसे पहले चंद्रमा दर्शन के बाद किया जाता है. इसके लिए महिलाएं शाम को चंद्रोदय का इंतजार करती हैं.

1. चंद्रोदय होने के बाद भगवान शिव, गणेश और माता पार्वती की पूजा करें.
2. फिर करवा माता और चंद्रमा की पूजा करें.
3. चंद्रमा को छलनी से देखें और अर्घ दें.
4. इसके बाद अपने पति को देखें और उनसे आशीर्वाद लें.
5. पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलें.
6. अंत में कुछ मीठा खाएं.

इस विधि से पारण करने से व्रत सफल माना जाता है और पति-पत्नी के जीवन में सुख-समृद्धि आती है.

करवा चौथ व्रत का महत्व
करवा चौथ का व्रत सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक रखा जाता है. इस दिन चंद्रमा का खास महत्व है. मान्यता है कि चंद्रमा की पूजा और उसके दर्शन करने से जीवन में खुशहाली आती है. इसके अलावा पति की रक्षा होती है और परिवार में सौभाग्य बढ़ता है. इस दिन की पूजा केवल धार्मिक नहीं बल्कि भावनात्मक और पारिवारिक जुड़ाव को भी मजबूत करती है.

टिप्स: व्रत सफल बनाने के लिए
1. सुबह सरगी खाने के बाद पानी का सेवन करें.
2. पूरे दिन निर्जल व्रत रखें और सकारात्मक सोच बनाए रखें.
3. शाम को पूजा और श्रृंगार विधि से करें.
4. पारण के समय पति और परिवार के साथ खुशी और प्यार का माहौल रखें.

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