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Kovidara Tree Vastu Tips: अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर के शिखर पर लगे ध्वाज पर हर प्रतीक को विशेष महत्व के साथ देखा जा रहा है. इन्हीं में से एक है कोविदार वृक्ष, जिसे मंदिर आने वाले श्रद्धालु बड़े ध्यान से देखते हैं और उसके अर्थ को समझने की कोशिश करते हैं. वास्तु के माध्यम से जानते हैं कोविदार वृक्ष को घर पर किस दिशा में लगानी चाहिए…
Kovidara Tree Vastu Tips: अयोध्या के रामलला मंदिर के शिखर पर लगे ध्वज पर त्रेता युग के तीन प्रतीक अंकित हैं – ॐ, तेजोमय सूर्य और कोविदार वृक्ष. हिंदू धर्म में कोविदार वृक्ष का विशेष आध्यात्मिक, पौराणिक और सांस्कृतिक महत्व है, इसे कंचनार, कोविदार, पर्वतक, कपित्थ, आदि नाम से जाना जाता है. मान्यता है कि इस पावन वृक्ष को ऋषि कश्यप ने मंदार और पारिजात से मिलकर बनया था. ऋषि कश्यप को सभी देवताओं के पिता हैं और इस वृक्ष के देव वृक्ष के नाम से जाना जाता है. वास्तु के अनुसार, कोविदार वृक्ष घर पर लगाना बहुत शुभ माना जाता है और जिस घर में यह वृक्ष होता है, वहां माता लक्ष्मी स्वयं वास करती हैं. आइए जानते हैं कोविदार वृक्ष को घर के किस दिशा में लगाना चाहिए…
इस दिशा में पौधा लगाने से आता है सौभाग्य
वास्तु शास्त्र के अनुसार, कोविदार वृक्ष को हमेशा घर के पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है. इस दिशा के स्वामी स्वंय ग्रहों के राजा सूर्यदेव हैं और भगवान राम इन्ही के वंश से आते हैं. इस दिशा में कोविदार लगाने से घर का वास्तु दोष दूर होता है और सुख-शांति व सौभाग्य में वृद्धि होती है. साथ ही इस दिशा में यह वृक्ष में लगाने से घर के मालिक की सेहत अच्छी रहती है और परिवार के सदस्यों की उन्नति होती है.

इस दिशा में पौधा लगाने से धन धान्य की नहीं होती कमी
कोविदार वृक्ष को आप पूर्व दिशा के साथ-साथ उत्तर दिशा में भी लगानी चाहिए. इस दिशा के स्वामी स्यंव भगवान कुबेर हैं. इस दिशा में कोविदार वृक्ष के लगाने से नौकरी व कारोबार में अच्छी उन्नति होती है और परिवार में सुख-शांति आती है. इस दिशा में कोविदार वृक्ष के लगाने से धन-धान्य की समस्या नहीं होती और घर का वास्तु दोष भी दूर होता है.

इस दिशा में ना लगाएं कोविदार वृक्ष
कोविदार वृक्ष को भूलकर भी घर के दक्षिण दिशा में नहीं लगानी चाहिए क्योंकि इस दिशा के स्वामी स्वंय यम हैं. साथ ही दक्षिण-पश्चिम दिशा में भी पेड़ लगाना वास्तु अनुसार शुभ नहीं माना जाता, इसलिए इस दिशा में कोई भी पेड़ लगाने से बचें. कोविदार वृक्ष को इन दो दिशाओं से दूर रखें और संभव हो तो हर दिन पूजा करें, ऐसा करने से श्रीराम और माता सीता का आशीर्वाद मिलता है.

कोविदार वृक्ष को लगाने से इन बातों का रखें ध्यान
दिशाओं के साथ घर के मेन गेट के सामने कोविदार वृक्ष लगाने से बचना चाहिए अन्यथा घर के सदस्यों की तरक्की रूक जाती है और घर का वास्तु दोष भी खराब होने लगता है. साथ ही अगर आप घर में कोविदार का वृक्ष लगाना चाहते हैं तो पौधे और दीवार के बीच कम से कम तीन से चार फीट का अंतर रखें, तभी घर पर लगाएं. कोविदार एक बाहरी (आउटडोर) वृक्ष है, इसे बालकनी या इनडोर में बढ़ना मुश्किल होता है. अगर आपके घर के बाहर जगह खाली है तो आप इस पौधे को लगा सकते हैं.

इस स्थिति में तुरंत हटा दें कोविदार वृक्ष
कोविदार वृक्ष को हमेशा सोमवार या शुक्रवार के दिन लगाना बहुत शुभ माना जाता है. साथ ही इस वृक्ष को हमेशा साफ स्थान पर लगाना चाहिए. कोविदार का हरा-भरा पेड़ सौभाग्य लाता है इसलिए अगर यह वृक्ष सूख जाता है तो तुरंत घर से हटा देना चाहिए. घर में सूखा पौधा होने से नकारात्मकता आती है और वास्तु दोष भी होता है.

















