
बुरहानपुर. भारत देश में हिंदू धर्म की अपनी एक विशेष मान्यता है. हिंदू धर्म के अनुसार हर 12 वर्ष में कुंभ का मेला लगता है. इस बार भी जनवरी माह से प्रयागराज में कुंभ का मेला लगने जा रहा है. कुंभ के मेले को लेकर लोगों में बड़े भ्रम की स्थिति बनी रहती है. यदि कुंभ में गए स्नान नहीं किया तो क्या होता है और यदि साधु संतों के साथ स्नान कर लिया तो क्या होता है.
आज हम आपको वृंदावन के महाराज के माध्यम से सही जानकारी बताने के लिए जा रहे हैं. जिन्होंने कुंभ की पूरी व्यवस्थाएं भी देखी है और उन्होंने विस्तार से जानकारी दी.
वृंदावन के महाराज ने दी जानकारी
Bharat.one की टीम ने वृंदावन से आए महाराज श्री दीनबंधु दास से जब बात की तो उन्होंने कहा कि प्रयागराज में कुंभ का मेला लगने जा रहा है. कुंभ के मेले में यदि आप भी जा रहे हैं तो आपको दो बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. सबसे पहले आप यदि कुंभ में गए हैं तो आपको कुंभ में स्नान करना चाहिए. यदि आप स्नान नहीं करते हैं तो आपको दोष लगता है. दूसरा यदि जिस दिन साधु संत स्नान कर रहे हैं तो उस दिन उनके साथ स्नान नहीं करें, क्योंकि साधु संतों का उस दिन शाही रूप में विशेष स्नान रहता है यह सावधानी बरतें आप इन दो सावधानी बरत कर कुंभ के मेले में जा सकते हैं. स्नान भी करें और धर्म का ज्ञान भी अर्जित करें.
4 किलोमीटर की परिधि में कहीं पर भी कर सकते हैं स्नान
महाराज का कहना है की कुंभ जिस स्थान पर लगता है वहां से 4 किलोमीटर की जितनी भी भूमि होती है. उसकी मान्यता होती है इसलिए आप उस 4 किलोमीटर की भूमि पर जहां पर भी आपको पानी मिल रहा है आप वहां पर स्नान कर सकते हैं. इस बार प्रशासन ने भी वहां पर अच्छी व्यवस्थाएं की है. इसलिए महाराज ने भी पूरे देश के लोगों से कुंभ में आने का आह्वान किया है.
FIRST PUBLISHED : December 17, 2024, 13:21 IST

















