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Makar Sankranti 2025 Puja Samagri: मकर संक्रांति पर बन रहा दुर्लभ भौम पुष्य योग, जानें पूजा सामग्री, मंत्र और मुहूर्त

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Makar Sankranti 2025 Puja Samagri: इस साल मकर संक्रांति पर दुर्लभ भौम पुष्य योग बन रहा है. मकर संक्रांति के दिन स्नान और दान करने का विधान है. स्नान के बाद सूर्य देव की पूजा करते हैं. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से…और पढ़ें

इस साल मकर संक्रांति 14 जनवरी मंगलवार के दिन है. मकर संक्रांति पर दुर्लभ भौम पुष्य योग बन रहा है. इस दिन सुबह में पुनर्वसु नक्षत्र है, जो 10:17 ए एम तक रहेगा. उसके बाद से पुष्य नक्षत्र प्रारंभ होगा. इसकी वजह से भौम पुष्य योग का निर्माण होगा. मकर संक्रांति के दिन स्नान और दान करने का विधान है. स्नान के बाद सूर्य देव की पूजा करते हैं. सूर्य कृपा से जीवन में सुख, समृद्धि आती है. स्नान और दान से पुण्य की प्राप्ति होती है. मकर संक्रांति की पूजा के लिए आवश्यक सामग्री का होना जरूरी है. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से जानते हैं कि मकर संक्रांति पर भौम पुष्य योग कब से कब तक है? मकर संक्रांति की पूजा सामग्री क्या है?

भौम पुष्य योग में मकर संक्रांति 2025
मकर संक्रांति पर 19 साल बाद दुर्लभ भौम पुष्य योग बन रहा है. जिस मंगलवार के दिन पुष्य नक्षत्र होता है, उस दिन भौम पुष्य नक्षत्र होता है. मंगल को भौम भी कहा जाता है. मकर संक्रांति के अवसर पर भौम पुष्य योग सुबह 10 बजकर 17 मिनट से पूरे दिन रहेगा.

मकर संक्रांति 2025 पूजा सामग्री
1. काले तिल, गुड़ या काले तिल के लड्डू
2. दान देने के लिए अन्न में चावल, दाल, सब्जी या खिचड़ी, तिल, तिल के लड्डू, गुड़ आदि.
3. गाय का घी, सप्तधान्य यानी 7 प्रकार के अनाज या फिर गेहूं
4. तांबे का लोटा, लाल चंदन, लाल कपड़ा, लाल फूल और फल
5. एक दीप, धूप, कपूर, नैवेद्य, गंध आदि
6. सूर्य चालीसा, सूर्य आरती और आदित्य ​हृदय स्तोत्र की पुस्तक

मकर संक्रांति 2025 सूर्य पूजा मंत्र
1. ओम ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः

2. ओम ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते,
अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:.

मकर संक्रांति का स्नान और दान कब करें?
14 जनवरी को मकर संक्रांति का स्नान और दान आपको महा पुण्य काल में सुबह 9:03 बजे से सुबह 10:48 बजे के बीच कर लेना चाहिए. यदि किसी कारणवश आप इस समय में स्नान और दान नहीं कर पा रहे हैं तो आप पुण्य काल में सुबह 9:03 बजे से शाम 5:46 बजे के बीच कभी भी कर लें.

मकर संक्रांति 2025 शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 05:27 ए एम से 06:21 ए एम
अभिजीत मुहूर्त: 12:09 पी एम से 12:51 पी एम
अमृत काल: 07:55 ए एम से 09:29 ए एम
विजय मुहूर्त: 02:15 पी एम से 02:57 पी एम

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