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Makar Shankrati 2025: देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में मकर संक्रांति के दिन खास पूजा और भोग की व्यवस्था होती है. तीरथपुरोहित प्रमोद श्रृंगारी के अनुसार, इस दिन शिवलिंग पर खास भोग अर्पित किया जाता है, जो पूरे महीने चलता है. साथ ही श्रद्धालु शिवगंगा…और पढ़ें
मकर संक्रांति के दिन से पूरे 1 महीने तक शिवलिंग के ऊपर चढ़ाया जाता है खिचड़ी का भ
देवघर. 12 ज्योतिर्लिंग में से एक बाबा बैद्यनाथधाम ज्योतिर्लिंग भी शामिल है. इस ज्योतिर्लिंग की पूजा आराधना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इसलिए इसे मनोकामनाएं लिंग भी कहते हैं. वहीं सभी पर्व त्यौहार में अलग-अलग तरीके से बाबा बैद्यनाथ की पूजा आराधना की जाती है. कुछ दिनों में मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाएगा. मकर संक्रांति के दिन बाबा बैद्यनाथ के शिवलिंग को विशेष भोग भी लगाया जाता है. विधि विधान के साथ पूजा आराधना की जाती है. किस प्रकार मकर संक्रांति के दिन होती है बाबा बैजनाथ की पूजा जानते हैं वेदनाथ मंदिर के प्रसिद्ध तीर्थपुरोहित प्रमोद श्रृंगारी जी से?
क्या कहते हैं मंदिर के तीर्थपुरोहित
बैद्यनाथ मंदिर के प्रसिद्ध तीर्थ पुरोहित प्रमोद श्रृंगारी ने Bharat.one के संवादाता से बातचीत करते हुए कहा कि इस साल करीब 4 वर्षों के बाद 14 जनवरी को मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाएगा. इस बार मकर संक्रांति बेहद खास है, क्युंकि इस दिन कुंभ मेले का शाही स्नान भी है. अलग-अलग प्रदेश में अलग-अलग नाम से मकर संक्रांति का त्यौहार पूरे देश भर में मनाया जाता है. देवघर के बैजनाथ मंदिर में मकर संक्रांति के दिन अहले सुबह मंदिर का पट खोला जाता है. सरदार पंडा के द्वारा विधिवत पूजा आराधना की जाती है और बाबा पर तिल अर्पण किया जाता है.
1 महीने तक लगेगा खिचड़ी का भोग
तीर्थपुरोहित प्रमोद श्रृंगार बताते हैं मकर संक्रांति के दिन दोपहर 12 बजे शिवलिंग के ऊपर खिचड़ी का भोग लगाया जाता है और यह भोग एक ही दिन नहीं, बल्कि पूरे मकर संक्रांति महीने तक लगाया जाता है. भोग को शिवलिंग के ऊपर अर्पण करने के बाद श्रद्धालुओं और तीरथपुरोहितो में वितरण भी किया जाता है. यह खिचड़ी का भोग प्रसाद के रूप में ग्रह करने से कई प्रकार के ग्रह दोष समाप्त हो जाते हैं.
देवघर के लोग इस तरह मनाते हैं मकर संक्रांति
तीर्थपुरोहित बताते हैं कि मकर संक्रांति के दिन देवघर के लोग शिवगंगा में स्नान कर दान पुण्य करते हैं और फिर देवघर के बाबा मंदिर में पूजा आराधना करते हैं. मकर संक्रांति के दिन शिवलिंग पर तिल और गुड़, दही इत्यादि अर्पण भी किया जाता है. वहीं अन्य दिनों के मुकाबले मकर संक्रांति के दिन बैजनाथ मंदिर में पूजा आराधना करने के लिए श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ बढ़ जाती है.

















