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Most Famous Saraswati Temple : ये हैं भारत की 5 प्रसिद्ध सरस्वती मंदिर, मात्र दर्शन पूरी होगी हर मनोकामना!

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Most Famous Saraswati Temple : हिंदू कैलेंडर के अनुसार, इस साल बसंत पंचमी 23 जनवरी को मनाई जाएगी. इस शुभ दिन पर, लोग ज्ञान, बुद्धि और संगीत की देवी, देवी सरस्वती की पूजा करते हैं और पीले कपड़े पहनकर भक्ति में डूब जाते हैं. बसंत पंचमी पर देवी सरस्वती का आशीर्वाद लेने के लिए कई लोग मंदिरों में भी जाते हैं. अगर आप इस साल बसंत के आगमन का जश्न मनाने के लिए देवी सरस्वती के मंदिर जाना चाहते हैं, तो आप भारत के इन प्रसिद्ध मंदिरों में जा सकते हैं. इन मंदिरों में जाने से मन को शांति और सुकून मिलता है, और ऐसा माना जाता है कि सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं…

ये हैं भारत के 5 सबसे प्रसिद्ध सरस्वती मंदिर-

ज्ञान सरस्वती मंदिर, बासर (तेलंगाना)
गोदावरी नदी के तट पर स्थित यह मंदिर देश के सबसे प्रमुख सरस्वती मंदिरों में से एक है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत के युद्ध के बाद महर्षि व्यास ने यहां शांति के लिए तपस्या की थी. यहां छोटे बच्चों का ‘अक्षर अभ्यासम’ (शिक्षा की शुरुआत) संस्कार कराया जाता है.

विद्या सरस्वती मंदिर, वरगल (तेलंगाना)
तेलंगाना के ही मेदक जिले में स्थित यह मंदिर एक पहाड़ी पर बना है. यहां का वातावरण अत्यंत शांत और आध्यात्मिक है. मंदिर परिसर में एक वेदमार्ग और धार्मिक शिक्षा केंद्र भी है. बसंत पंचमी के दिन यहां भव्य उत्सव मनाया जाता है.

शृंगेरी शारदा पीठम, कर्नाटक
आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित यह प्रसिद्ध मठ तुंगभद्रा नदी के किनारे स्थित है. यहां मां सरस्वती ‘शारदा’ के रूप में विराजमान हैं. मंदिर की वास्तुकला द्रविड़ शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है. दक्षिण भारत में इसे ज्ञान का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है.

दक्षिण मूकाम्बिका मंदिर, कोट्टायम (केरल)
केरल के कोट्टायम जिले के पनाविला में स्थित यह मंदिर ‘पनचिक्कड़ सरस्वती मंदिर’ के नाम से भी प्रसिद्ध है. यहां देवी की मूर्ति के पास एक निरंतर जलधारा बहती रहती है और मूर्ति को पौधों (लताओं) ने ढका हुआ है. इसे ‘दक्षिण की मूकाम्बिका’ कहा जाता है.

महा सरस्वती मंदिर, कोठाद (गुजरात)
गुजरात के कच्छ में स्थित यह मंदिर बहुत प्राचीन है. यहां भक्त अपनी याददाश्त और वाणी की शुद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं. यह मंदिर सादगी और शांति का प्रतीक है, जहां छात्र विशेष रूप से अपनी परीक्षाओं से पहले आशीर्वाद लेने आते हैं.

इन मंदिरों में बसंत पंचमी और नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा अर्चना की जाती है. अगर आप अपने बच्चों की शिक्षा में सफलता चाहते हैं, तो इन स्थानों की यात्रा आपके लिए अत्यंत लाभकारी हो सकती है.

Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह एक्सपर्ट्स से बातचीत पर आधारित है. यह सामान्य जानकारी है, पर्सनल सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए News-18 जिम्मेदार नहीं होगा.

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