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Papmochani Ekadashi 2025: हर साल चैत्र माह कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पापमोचिनी एकादशी मनाई जाती है. इस दिन श्रीहरि विष्णु की पूजा के साथ माता तुलसी की पूजा से मनुष्य को आर्थिक तंगी से मुक्ति मिल जाती है. वही…और पढ़ें
पापमोचनी एकादशी पर करें ये काम
हाइलाइट्स
- पापमोचनी एकादशी 25 मार्च को है.
- विष्णु और तुलसी की पूजा से आर्थिक तंगी दूर होती है.
- इस दिन चावल का सेवन और दान न करें.
वाराणसी: सनातन धर्म में एकादशी तिथि का बेहद महत्व है. साल में कुल 12 महीने होते हैं और प्रत्येक महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष में एकादशी तिथि होती है. इस दिन व्रत रखा जाता है. अलग-अलग महीनों में पड़ने वाली एकादशी को अलग-अलग नामों से जानते हैं. यह तिथि श्री हरि भगवान विष्णु को समर्पित होती है.
चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी को सनातन धर्म में पापमोचनी एकादशी कहा जाता है. शास्त्रों में ऐसा वर्णन है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत से जीवन में जाने अनजाने में हुए पाप नष्ट हो जाते हैं. इसके साथ ही श्री हरि विष्णु की कृपा भी बरसती है. काशी के ज्योतिषाचार्य पण्डित संजय उपाध्याय ने बताया कि इस साल पापमोचनी एकादशी 25 मार्च को है.
आर्थिक तंगी होगी दूर
इस दिन श्रीहरि विष्णु की पूजा के साथ माता तुलसी की पूजा से मनुष्य को आर्थिक तंगी से मुक्ति मिल जाती है. इस दिन शाम के समय तुलसी के पौधे के नीचे घी का दीपक जलाना चाहिए.
केले के जड़ की करें पूजा
इसके अलावा इस दिन केले के जड़ की पूजा करनी चाहिए और उसके पीतल के लोटे में हल्दी, गुड़ डालकर उसमें अर्पित करना चाहिए. इससे भी भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की कृपा बरसती है.
चावल का नहीं करें सेवन
पापमोचनी एकादशी के दिन भूलकर भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए. इसके अलावा चावल का दान भी भूलकर नहीं करना चाहिए.
विवाह सम्बंधित समस्या होगी समाप्त
जिनके जीवन में विवाह सम्बंधित परेशानी है. वह इस दिन यदि माता तुलसी को सोलह श्रृंगार की सामग्री चढ़ाते हैं और उनकी पूजा करते हैं तो उनके विवाह सम्बंधित समस्याएं समाप्त हो जाती हैं.
Varanasi,Uttar Pradesh
March 19, 2025, 05:50 IST
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