Last Updated:
Pausha Putrada Ekadashi 2025 Date: पौष पुत्रदा एकादशी व्रत से संतान की प्राप्ति होती है. हर साल पौष शुक्ल एकादशी तिथि को पौष पुत्रदा एकादशी होती है. इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं. आइए जानते हैं कि इस साल पौष पुत्रदा एकादशी कब है? पौष पुत्रदा एकादशी का मुहूर्त और पारण समय क्या है?
Pausha Putrada Ekadashi 2025 Date: कई शादीशुदा दंपत्ति विवाह के 4-5 साल के बाद भी संतानहीन हैं. उन्हें संतान का सुख प्राप्त नहीं है. इस वजह से वे निराश हैं. ऐसे में उनको पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत करना चाहिए. जो लोग पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, उनको संतान सुख प्राप्त होता है. उनके वंश में वृद्धि होती है. पुत्रदा एकादशी का व्रत साल में दो बार आता है, एक पौष माह में और दूसरा सावन माह में. अभी मार्गशीर्ष माह चल रहा है, उसके बाद पौष माह आएगा. आइए जानते हैं कि पौष पुत्रदा एकादशी कब है? पौष पुत्रदा एकादशी का मुहूर्त और पारण समय क्या है?
पौष पुत्रदा एकादशी तिथि मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, पौष पुत्रदा एकादशी व्रत के लिए पौष शुक्ल एकादशी तिथि की शुरूआत 30 दिसंबर को सुबह 7 बजकर 50 मिनट पर होगा. इस तिथि का समापन 31 दिसंबर को प्रात: 5 बजे होगा.
पौष पुत्रदा एकादशी की तारीख
पौष शुक्ल एकादशी तिथि के अनुसार, पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत 30 और 31 दिसंबर को है. 30 दिसंबर को गृहस्थ लोग पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखेंगे, वहीं वैष्णव जन 31 दिसंबर को पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रहेंगे.
पौष पुत्रदा एकादशी मुहूर्त
जो लोग 30 दिसंबर को पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखेंगे, वे सिद्ध और रवि योग में भगवान विष्णु की पूजा करेंगे. सिद्ध योग प्रात:काल से लेकर पूरे दिन है, जबकि रवि योग सुबह 07:13 ए एम से लेकर पूर्ण रात्रि तक है. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त 05:24 ए एम से 06:19 ए एम तक और अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:03 पी एम से 12:44 पी एम तक है.
वहीं वैष्णव जन 31 दिसंबर को पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखेंगे, तो वे सर्वार्थ सिद्धि योग और साध्य योग में विष्णु पूजा करेंगे. सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन हैं, वहीं साध्य योग प्रात:काल से लेकर रात 09:13 पी एम तक है. उस दिन ब्रह्म मुहूर्त 05:24 ए एम से 06:19 ए एम तक है, वहीं अभिजित मुहूर्त नहीं है. उस दिन विष्णु पूजा का समय सुबह 07:14 ए एम से सुबह 09:49 ए एम तक है.
पौष पुत्रदा एकादशी का पारण समय
गृहस्थ लोग पौष पुत्रदा एकादशी के व्रत का पारण 31 दिसंबर को दोपहर में 1 बजकर 26 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 31 मिनट तक है. वहीं वैष्णव जन पौष पुत्रदा एकादशी व्रत का पारण 1 जनवरी 2026 को सुबह 07:14 ए एम से सुबह 09:18 ए एम के बीच कर सकते हैं. 31 दिसंबर को पौष पुत्रदा एकादशी के हरि वासर के समापन का समय सुबह 10 बजकर 12 मिनट पर है.
कार्तिकेय तिवारी Hindi Bharat.one Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक… और पढ़ें

















