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Pitrapaksh Shradh Karm: ज्योतिषाचार्य अनीश व्यास बताते हैं कि श्राद्ध पक्ष में हर व्यक्ति को अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार दान अवश्य करना चाहिए. पितरों की तृप्ति और प्रसन्नता के लिए दान का महत्व सबसे अधिक …और पढ़ें
ज्योतिषाचार्य अनीश व्यास बताते हैं कि श्राद्ध पक्ष में हर व्यक्ति को अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार दान अवश्य करना चाहिए. पितरों की तृप्ति और प्रसन्नता के लिए दान का महत्व सर्वोपरि है. इस दौरान किए गए दान को पुण्यकारी माना जाता है और इससे पितरों की कृपा हमेशा बनी रहती है.
श्राद्ध पक्ष में गरीबों और ब्राह्मणों को भोजन कराना अत्यंत फलदायी माना गया है. इसके अलावा नमक, घी, चावल, सोना-चांदी, वस्त्र, पुस्तकें और खाद्य सामग्री का दान विशेष फल प्रदान करता है. मान्यता है कि इन वस्तुओं के दान से पितृ प्रसन्न होकर परिवार पर आशीर्वाद बरसाते हैं. इसके अतिरिक्त कन्याओं को भोजन कराना भी शुभ फलदायी माना गया है और इससे पितरों की कृपा प्राप्त होती है.
दान से मिलता है आशीर्वाद
आचार्य व्यास के अनुसार श्राद्ध पक्ष में किया गया दान न केवल पितरों को संतुष्ट करता है, बल्कि दान करने वाले की आयु, स्वास्थ्य और समृद्धि में भी वृद्धि करता है. मान्यता है कि इस काल में सच्चे मन से किया गया दान संतान सुख, धन-धान्य और जीवन में उन्नति का आशीर्वाद दिलाता है. आचार्य का कहना है कि पितृपक्ष केवल कर्मकांड नहीं है, बल्कि पूर्वजों का सम्मान करने और समाज में दान-धर्म की परंपरा को जीवित रखने का एक अवसर है. इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार श्राद्ध पक्ष में दान अवश्य करना चाहिए.

नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
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