ओम प्रयास/ हरिद्वार. वेदों, पुराणों, उपनिषदों और शास्त्रों में गंगा का महत्व सबसे अधिक बताया गया है. मां गंगा को लेकर विद्वानों का भी यही मत है कि कलयुग में मां गंगा मोक्ष प्रदान करने वाली है. ऐसे ही हिंदू तीर्थ नगरी हरिद्वार मोक्ष प्राप्ति के लिए विश्व प्रसिद्ध है. हरिद्वार में धार्मिक अनुष्ठान और धार्मिक पर्वों पर लाखों, करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करने के लिए आते हैं. धार्मिक दृष्टि से हिंदू पर्वों पर मां गंगा में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है. प्राचीन काल में अमृत कलश से हरिद्वार में अमृत की बूंदें छलक कर गिरी थी, इसलिए भी हरिद्वार में मां गंगा का महत्व अधिक बढ़ जाता है. शास्त्रों, वेदों, पुराणों, उपनिषदों के अनुसार मां गंगा का धरती पर अवतरण सगर के 60 हजार पुत्रों को मोक्ष देने के लिए हुआ था. इसलिए आज भी लोग मोक्ष प्राप्ति के लिए हरिद्वार हर की पौड़ी पर गंगा स्नान करके पुण्य प्राप्त करते हैं. हरिद्वार में जहां भगवान ब्रह्मा ने हजारों लाखों साल तक तपस्या की थी, वहीं भगवान शिव की ससुराल हरिद्वार में है. हरिद्वार का प्राचीन नाम गंगा द्वारा है. इसलिए यहां पर गंगा स्नान करने का सबसे अधिक महत्व बताया जाता है.
साल 2024 में पितृ विसर्जन अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त कोई भी कार्य श्राद्ध कर्म, तर्पण, पिंडदान, कर्मकांड आदि गंगा स्नान करके किया जाए, तो उसकी संपूर्ण फल कई गुना प्राप्त होता है. धार्मिक ग्रंथो के अनुसार अपने पितरों को मोक्ष प्रदान देने के लिए मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर कार्य करने पर पितृ तृप्त होकर अपने लोक लौट जाते हैं और अपने वंश को आशीर्वाद प्रदान करते हैं. हरिद्वार के विद्वान ज्योतिषी ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीधर शास्त्री ने Bharat.one को बताया कि साल 2024 में पितृ विसर्जन अमावस्या 2 अक्टूबर को होगी. इस दिन अपने पितरों श्राद्ध कर्म करके उन्हें भू-लोक से विदाई दी जाती है. यदि श्रद्धालुओं द्वारा मां गंगा में स्नान करके पितरों के निमित्त कार्य किया जाए, तो व्यक्ति को विशेष लाभ मिलता है.
मां गंगा से मिला था सगर के 60 हजार पुत्रों को मोक्ष
ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीधर शास्त्री आगे बताते हैं कि जैसे मां गंगा ने सगर के 60 हजार पुत्रों को मोक्ष प्रदान किया था, वैसे ही मां गंगा पितृ विसर्जन अमावस्या पर आपके पितरों को मोक्ष प्रदान करेंगी, जिससे आपके पितृ प्रसन्न होकर आपको शुभ फल प्रदान करेंगे. यदि कोई व्यक्ति पितृ दोष से पीड़ित है या किसी के पितरों की गति नहीं हो पाई है या फिर किसी के पितृ प्रेत योनि में भटक रहे हैं, तो उनके द्वारा मां गंगा में स्नान करके विधि विधान से अपने पितरों का श्राद्ध कर्म किया जाए तो पितरों को शांति मिलती है और मां गंगा उन्हें मोक्ष प्रदान करती हैं. ज्योतिषी पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि मां गंगा का सबसे अधिक महत्व तीर्थ नगरी हरिद्वार में है. इसलिए पितृ विसर्जन अमावस्या के दिन हरिद्वार में गंगा स्नान करके पितरों को जलांजलि देने का बहुत अधिक महत्व है.
Note: पितृ विसर्जन अमावस्या पर गंगा में स्नान करने के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप हरिद्वार के विद्वान ज्योतिषी पंडित श्रीधर शास्त्री से उनके फोन नंबर 9557125411 और 9997509443 पर संपर्क कर सकते हैं.
FIRST PUBLISHED : September 22, 2024, 16:08 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

















