Pitru Paksha हिंदू पंचांग में महीने में आने वाली पांचवीं तिथि को पंचमी कहते हैं. यह तिथि महीने में दो बार आती है – पूर्णिमा के बाद और अमावस्या के बाद. पूर्णिमा के बाद आने वाली पंचमी को कृष्ण पक्ष की पंचमी और अमावस्या के बाद आने वाली पंचमी को शुक्ल पक्ष की पंचमी कहते हैं. पंचमी तिथि शनिवार, 21 सितंबर, 2024 को शाम 6:14 बजे से शुरू होगी और रविवार, 22 सितंबर, 2024 को दोपहर 3:43 बजे समाप्त होगी. पंचमी तिथि के स्वामी नाग देवता हैं. पंचमी तिथि में बसंत पंचमी, नाग पंचमी, ऋषि पंचमी जैसे पर्व भी मनाए जाते हैं.
पितृ पक्ष के दौरान आने वाले भरणी नक्षत्र में ये श्राद्ध होने से इसे महाभरणी श्राद्ध कहा जाता है. ग्रंथों में कहा गया है कि भरणी श्राद्ध का फल गया तीर्थ में किए गए श्राद्ध के समान ही है. भरणी श्राद्ध पितृपक्ष में तब किया जाता है जब अपराह्नकाल में भरणी नक्षत्र प्रारंभ होता है. इसीलिए इस शुभ संयोग पर जरूर श्राद्ध करना चाहिए. इसके अलावा माना जाता है कि भरणी नक्षत्र के संयोग में चतुर्थी या पंचमी तिथि को पैतृक संस्कार करना बहुत ही खास होता है. महालया के दौरान ये दिन सबसे खास माना गया है.
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भरणी श्राद्ध का समय :
जिस तरह कोई भी श्राद्ध कुतुप वेला और अपराह्न काल में किया जाता है. उसी तरह भरणी श्राद्ध में उन लोगों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु एक साल पहले हुई है.
कुतुप मूहूर्त- आज सुबह 11 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक
रौहिण मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 38 मिनट से दोपहर 1 बजकर 27 मिनट तक
अपराह्न काल- दोपहर 1 बजकर 27 मिनट से 3 बजकर 53 मिनट तक
मूलांक 5 का इस तिथि से होता है गहरा संबंध : शास्त्रों के अनुसार पंचमी तिथि भी 5 मूलांक की तिथि है. इसलिए जिन जातकों का जन्म किसी भी माह की 5,14,23 तारीख को हुआ है उनका मूलांक 5 होता है. मूलांक 5 को किसी के लिये भी आधार माना गया है. क्यूंकि 1 से 9 के मध्य अंक है 5. पितृ पक्ष में पंचमी के दिन मूलांक 5 वालों को करने चाहिए कुछ उपाय जिससे उनके कुंडली में पितृ दोष और कालसर्प दोष की शांति हो सके.
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मूलांक 5 वाले करें यह उपाय:
1- गाय को हरा चारा खिलाएं एवं पक्षियों को दाना खिलाएं.
2- पितृ दोष से मुक्ति के लिये मूलांक 5 के जातकों को गाय का दान करना चाहिए.
3- कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए एक चांदी का नाग नागिन का जोड़ा बहते हुए जल में प्रभावित करें.
4- मूलांक 5 के लोगों के लिए आज कुष्ठ रोगियों को भोजन कराना चाहिए.
FIRST PUBLISHED : September 22, 2024, 09:15 IST

















