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Paush Putrada Ekadashi 2025 : आज के दिन भगवान विष्णु की आराधना करने से सभी प्रकार की इच्छा को पूर्ण किया जा सकता है. इसके अलावा अगर आज सही मुहूर्त और सही तरीके से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना की जाए, तो भगवान…और पढ़ें
आज है साल की पहली एकादशी
Paush Putrada Ekadashi 2025 : 10 जनवरी को साल की पहली एकादशी मनाई जा रही है. पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी जिसे पुत्रदा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है, इस दिन आज काफी बेहतरीन संयोग बन रहे हैं. आज के दिन भगवान विष्णु की आराधना करने से सभी प्रकार की इच्छा को पूर्ण किया जा सकता है. इसके अलावा अगर आज सही मुहूर्त और सही तरीके से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना की जाए, तो भगवान प्रसन्न होते हैं तथा सभी मनोवांछित वर को पूर्ण किया जा सकता है. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि इस साल पुत्रदा एकादशी के दिन सिद्धि योग और कृतिका नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है. जिस कारण आज की एकादशी काफी खास मानी जा रही है.
यहां जानें क्या है एकादशी का सबसे सही मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि पुत्रदा एकादशी के दिन प्रात 6:39 बजे से 7:58 बजे तक चर मुहूर्त है. जबकि 7:58 बजे से 9:18 बजे तक लाभ मुहूर्त है. सुबह 9:18 बजे से सुबह 10:38 बजे तक अमृत मुहूर्त है. दोपहर 11:36 बजे से 12:18 बजे तक अभिजीत मुहूर्त है और दोपहर 11:57 बजे से 1:17 बजे तक शुभ मुहूर्त है.
इस दौरान सनातन धर्मावलंबी को श्री हरि भगवान विष्णु को गंगाजल, पंचामृत से स्नान कराकर नूतन वस्त्र, चंदन, फूल माला, तुलसी, इत्र आदि से श्रृंगार करने के बाद मिष्ठान और ऋतु फल का भोग अर्पित करना चाहिए. ऐसा करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न किया जा सकता है तथा लोगों की सभी मनोवांछित मनोकामनाओं को पूर्ण किया जा सकता है.
कृतिका नक्षत्र का बन रहा है सुखद संयोग
आज के दिन कृतिका नक्षत्र और सिद्धि योग का सुखद संयोग बन रहा है. उन्होंने बताया कि पुत्रदा एकादशी के दिन दोपहर 1:14 बजे तक कृतिका नक्षत्र रहेगा. इसके बाद रोहिणी नक्षत्र शुरू हो जाएगा. इसके साथ ही इस दिन दोपहर 2:30 बजे तक शुभ योग रहेगा. फिर शुक्ल योग विद्यमान हो जाएगा. सुबह 9:22 बजे तक सिद्ध योग का भी संयोग बन रहा है. इस दौरान व्रत, पूजा पाठ, हरि स्मरण, वेद पाठ, मंत्र जाप, दान, पुण्य करने से कई गुना ज्यादा लाभ और पुण्य मिलता है. साथ ही इस व्रत को करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों की कृपा मिलती है.
















