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समस्तीपुर जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर विभूतिपुर प्रखंड क्षेत्र के सिंघिया घाट तक पहुंची. सिंघिया घाट स्थित एक काली माता और दुर्गा माता मंदिर में हर शनिवार बाबा अपना “दरबार” लगाते हैं.
बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करते भक्त
हाइलाइट्स
- बाबा का दावा: निसंतान को संतान देने का वादा
- Bharat.one की टीम ने बाबा के दावों की पड़ताल की
- बाबा का कहना: फूल-चावल से देवी की कृपा से मन्नत पूरी होती है
समस्तीपुर:- समस्तीपुर जिले से एक अजीबोगरीब और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. सोशल मीडिया पर एक बाबा का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह यह दावा कर रहे हैं कि वे निसंतान दंपतियों को संतान की प्राप्ति करवाते हैं. वायरल वीडियो की पड़ताल में Bharat.one की टीम ने बाबा की हकीकत जानने के लिए पड़ताल शुरू की.
समस्तीपुर जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर विभूतिपुर प्रखंड क्षेत्र के सिंघिया घाट तक पहुंची. सिंघिया घाट स्थित एक काली माता और दुर्गा माता मंदिर में हर शनिवार बाबा अपना “दरबार” लगाते हैं. यहां स्थानीय ही नहीं, देश के कोने-कोने से भक्त अपनी मनोकामना लेकर पहुंचते हैं. बाबा के अनुसार, श्रद्धा और भक्ति से की गई अर्जी जरूर पूरी होती है.
क्या कहते हैं बाबा?
जब Bharat.one की टीम ने बाबा, जिनका नाम राम भगत बताया जा रहा है, से सीधा सवाल किया कि वे ऐसा क्या करते हैं, जिससे निसंतान दंपति को संतान की प्राप्ति होती है, तो बाबा ने जवाब दिया कि मैं कुछ नहीं करता. सिर्फ अड़हुल का फूल और आडवा चावल देता हूं. देवी मां की कृपा से मन्नत पूरी होती है.
टीम ने जब सवाल किया कि संतान न होने के पीछे तो कई बार चिकित्सकीय कारण होते हैं, गर्भाशय से जुड़ी बीमारियां या हार्मोनल दिक्कतें होती हैं. इसका बाबा ने जवाब देते हुए दोहराया कि वह सिर्फ फूल-चावल देते हैं और यह देवी का मंदिर है. यहां आकर जो भी अर्जी लगाता है, उसकी मुराद पूरी होती है.
दरबार में आए श्रद्धालु से भी टीम ने की बात
बाबा के दरबार में भीड़ जुटी थी. Bharat.one की टीम ने मौके पर मौजूद कुछ श्रद्धालुओं से भी बातचीत की. समस्तीपुर के चैता गांव से आई रेणु कुमारी ने बताया कि घर में बहुत परेशानी चल रही है, कुछ अच्छा नहीं हो रहा था. इसलिए बाबा के पास विश्वास लेकर आई हूं. रोहतास जिला के बिक्रमगंज प्रखंड से आए कमरेंद्र चौधरी ने कहा कि मेरा बेटा होली के दिन से लापता है. हम बहुत परेशान हैं. यहां अर्जी लगाने आए हैं, उम्मीद है बाबा के आशीर्वाद से बेटा मिल जाएगा.
सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई, जब समस्तीपुर की ही रामप्यारी देवी, जो पहले निसंतान थी, उन्होंने बताया कि मैं डॉक्टरों से इलाज करवा-करवाकर थक चुकी थी, कोई फायदा नहीं हो रहा था. दो साल पहले बाबा के दरबार में अर्जी लगाई, बाबा ने फूल-अक्षत दिया. अब मुझे एक बेटा और एक बेटी हुई है और मैं बहुत खुश हूं.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

















