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Saphala Ekadashi 2024 Puja Vidhi: 3 शुभ संयोग में सफला एकादशी आज, जानें पूजा विधि, विष्णु मंत्र, मुहूर्त और पारण समय

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सफला एकादशी व्रत आज 26 दिसंबर गुरुवार को है. आज के दिन 3 शुभ संयोग बन रहे हैं. सफला एकादशी का व्रत गुरुवार दिन, सुकर्मा योग और स्वाति नक्षत्र के शुभ संयोग में पड़ा है. सफला एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और गुरुवार का दिन भी हरि पूजा के लिए समर्पित है. सुकर्मा योग शुभ योगों में से एक है, जिसमें आप कोई भी शुभ कार्य कर सकते हैं, वहीं स्वाति नक्षत्र के देवता वायु एवं सरस्वती देवी हैं. स्वाति नक्षत्र के शुभ प्रभाव से भू​मि और भवन का सुख प्रदान करता है. सफला एकादशी का व्रत पौष कृष्ण एकादशी को रखा जाता है. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं सफला एकादशी की पूजा विधि, मुहूर्त, मंत्र और पारण समय के बारे में.

सफला एकादशी 2024 मुहूर्त
पौष कृष्ण एकादशी तिथि का शुभारंभ: 25 दिसंबर, बुधवार, रात 10:29 बजे से
पौष कृष्ण एकादशी तिथि की समाप्ति: 26 दिसंबर, गुरुवार, देर रात 12:43 बजे पर
ब्रह्म मुहूर्त: 05:23 ए एम से 06:17 ए एम तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:01 बजे से दोपहर 12:43 बजे तक
सुकर्मा योग: आज प्रात: काल से रात 10:42 बजे तक

सफला एकादशी 2024 दिन का चौघड़िया
शुभ-उत्तम मुहूर्त: 07:12 ए एम से 08:30 ए एम
चर-सामान्य मुहूर्त: 11:04 ए एम से 12:22 पी एम
लाभ-उन्नति मुहूर्त: 12:22 पी एम से 01:39 पी एम
अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: 01:39 पी एम से 02:57 पी एम
शुभ-उत्तम मुहूर्त: 04:14 पी एम से 05:32 पी एम

विष्णु पूजा मंत्र: ओम नमो भगवते वासुदेवाय.

सफला एकादशी पूजा विधि
आज प्रात:काल में स्नान के बाद साफ कपड़े पहन लें. संभव हो तो पीले वस्त्र पहनें. उसके बाद हाथ में जल लेकर सफला एकादशी व्रत का संकल्प करें. फिर शुभ मुहूर्त में पूजा स्थान पर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर की स्थापना करें. उसके बाद गंगाजल और पंचामृत से भगवान विष्णु का अभिषेक करें. उनको वस्त्र, चंदन, पीले फूल, हल्दी, अक्षत्, धूप, दीप, तुलसी के पत्ते, केसर आदि अर्पित करें. गुड़, चने की दाल, बेसन के लड्डू आदि का भोग लगाएं.

इसके बाद विष्णु सहस्रनाम और सफला एकादशी की व्रत कथा पढ़ें. फिर भगवान विष्णु की आरती करें. फिर प्रसाद वितरण करें. सफला एकादशी की रात जागरण करें. अगले दिन सुबह में स्नान के बाद पूजा पाठ करें. फिर अपनी क्षमता के अनुसार दान दें. उसके बाद सुबह 7:12 बजे के बाद पारण करके व्रत को पूरा करें.

सफला एकादशी 2024 पारण समय
सफला एकादशी का पारण: कल, शुक्रवार, सुबह 7:12 बजे से सुबह 9:16 बजे के बीच
द्वादशी तिथि समाप्ति: 28 दिसंबर, 02:26 एएम पर

सफला एकादशी व्रत के फायदे
जो लोग सफला एकादशी का व्रत विधि विधान से करते हैं, उनको विष्णु कृपा प्राप्त होती है. श्रीहरि कृपा से व्यक्ति को कार्यों में सफलता मिलती है. पाप मिटते हैं और कष्ट दूर होते हैं. जीवन के अंत में व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है.

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