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UP Famous Temple: यूपी का एक अनोखा मंदिर…जो झारखंड के देवघर को देता है टक्कर, चमत्कारी है यहां मौजूद शिवलिंग, खुद हुआ था प्रकट!

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UP Famous Temple: यूपी में मंदिरों की कोई कमी नहीं है. कई सारे खास मंदिर हैं जहां लोग मन्नत मांगने जाते हैं. ऐसे ही एक अनोखे मंदिर की कहानी आज Bharat.one आपके लिए लेकर आया है. यह मंदिर मऊ जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर नौसेमर गांव से सटा है. नाम है बारह दुवरिया मंदिर है. मान्यता है कि प्रभु श्री राम त्रेतायुग में ऋषि विश्वामित्र के साथ यहां आए थे.

बारह दुवरिया मंदिर भगवान शंकर का मंदिर है. ये मंदिर तमसा नदी के तट पर स्थित है. सावन माह में इस मंदिर में भक्त की खूब भीड़ उमड़ती है. क्योकि यह मंदिर झारखंड के देवघर को टक्कर देता है. वजह यह है कि यह शिवलिंग जमीन फाड़ कर खुद ब खुद बाहर निकला था.

यूपी का बारह दुवरिया मंदिर
Bharat.one से खास बातचीत में यहां के पुजारी रामबृछ बताते हैं कि यह मंदिर काफी पुराना है. त्रेता युग में भगवान राम ऋषि विश्वामित्र के साथ यहां आए थे. उन्होंने शिवलिंग की स्थापना करके भगवान शिव की पूजा अर्चना की थी. इस पूजा से खुश होकर भगवान यहां बारह रूपों में प्रकट हुए थे. इसलिए इसका नाम बारह दुवरिया पड़ा. विभिन्न प्रकार की प्रचलित किंवदंतियों के अनुसार सन 1718 में जंग बहादुर जयसवाल नाम का व्यापारी तमसा के रास्ते गाजीपुर जिले से यहां आया था.

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यहां पर आकर उसकी नाव रुक गई उसे शौच की अनुभूति हुई तो वह उचित स्थान तलाशने लगा. तलाशी के इसी क्रम में उसे इस जगह शिवलिंग दबा हुआ मिला. उसने इसकी खुदाई शुरू कर दी. खोदते-खोदते वह थक कर सो गया. फिर धरती चीड़कर शिवलिंग बाहर निकला था. तब से इस मंदिर को देवघर से जोड़कर देखा जाता है.

हर मन्नत होती है पूरी!
मंदिर के पुजारी ने बताया कि यहां पूजा-पाठ करने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं. भक्तों की बहुत आस्था है. यहां पूजा-पाठ करने वाले भक्तों का कहना है कि इस मंदिर में जो भी सच्चे दिल से मांगा जाता है वो जरूर मिलता है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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