Home Uncategorized Vastu Tips: पति-पत्नी के बीच हमेशा रहती है तकरार, देखें कहीं घर...

Vastu Tips: पति-पत्नी के बीच हमेशा रहती है तकरार, देखें कहीं घर में तो नहीं ये बड़ा वास्तु दोष

0
2



Last Updated:

Vastu Tips: घर का वास्तु वहां रहने लोगों की अच्छी और बुरी सभी चीजों को निर्धारित करता है. पति-पत्नी के बीच अगर कलह लगातार हो रही है तो हो सकता है कि घर के वास्तु में कहीं ना कहीं समस्या हो.

Vastu Tips: अक्सर घरों में पति-पत्नी के बीच छोटी-मोटी नोंक-झोंक होती रहती है, जो कि एक सामान्य बात है. लेकिन, जब ये झगड़े बार-बार होने लगे और रिश्तों में कड़वाहट पैदा करने लगे, तो यह चिंता का विषय बन जाता है. क्या आपने कभी सोचा है कि इन झगड़ों का कारण आपके घर का वास्तु दोष भी हो सकता है? वास्तु शास्त्र एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है जो घर की ऊर्जा और उसमें रहने वाले लोगों के जीवन पर उसके प्रभाव का अध्ययन करता है. वास्तु के अनुसार, घर की दिशा, वस्तुओं की स्थिति और रंगों का रिश्तों पर गहरा असर पड़ता है. वास्तु विशेषज्ञ अंशुल त्रिपाठी इस वास्तुदोष के बारे में जानकारी दे रहे हैं.

कुछ सामान्य वास्तु दोष जो पति-पत्नी के बीच कलह का कारण बन सकते हैं:

गलत दिशा में शयनकक्ष: अगर शयनकक्ष दक्षिण-पश्चिम दिशा में नहीं है, तो यह रिश्तों में तनाव पैदा कर सकता है.

बेडरूम में दर्पण की गलत स्थिति: अगर दर्पण बेड के सामने है, तो यह नकारात्मक ऊर्जा को प्रतिबिंबित कर सकता है और झगड़ों का कारण बन सकता है.

टूटा हुआ फर्नीचर: टूटा हुआ बेड या अन्य फर्नीचर नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और रिश्तों में बाधा डाल सकता है.

दीवारों पर गलत रंग: बेडरूम में गहरे या भड़कीले रंगों का उपयोग करने से बचना चाहिए। हल्के और शांत रंग रिश्तों में शांति बनाए रखने में मदद करते हैं.

उत्तर-पूर्व दिशा में गंदगी: घर की उत्तर-पूर्व दिशा को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखना चाहिए. इस दिशा में गंदगी होने से रिश्तों में खटास आ सकती है.

मुख्य द्वार का वास्तु दोष: घर के मुख्य द्वार की गलत दिशा या उस पर काले रंग का पेंट भी पति-पत्नी के बीच झगड़े का कारण बन सकता है.

इन वास्तु दोषों को दूर करने के कुछ उपाय:

  • शयनकक्ष को दक्षिण-पश्चिम दिशा में बनाएं.
  • बेडरूम में दर्पण को इस तरह लगाएं कि वह बेड के सामने न हो.
  • टूटे हुए फर्नीचर को तुरंत बदल दें.
  • बेडरूम में हल्के और शांत रंगों का प्रयोग करें.
  • उत्तर-पूर्व दिशा को हमेशा साफ रखें.
  • मुख्य द्वार के वास्तु दोष को दूर करने के लिए वास्तु विशेषज्ञ से सलाह लें.
  • नियमित रूप से शिव-पार्वती की पूजा करें और उनके मंत्रों का जाप करें.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here