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Vastu Tips for Main Door House Entrance | main gate direction as per Vastu | सौभाग्य और समृद्धि के लिए ऐसा होना चाहिए घर का मेन गेट, जानें पूर्व, उत्तर या दक्षिण… कौन सी दिशा द्वार के लिए शुभ

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Vastu Tips For Main Door: वास्तु शास्त्र में घर का मेन गेट सबसे महत्वपूर्ण माना गया है क्योंकि इसी से घर में सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. अगर घर का मेन गेट सही दिशा में होता है तो जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है, वहीं अगर यह गेट गलत दिशा में है तो कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. आइए जानते हैं किस दिशा में घर का मेन गेट होना चाहिए…

आज के समय में घर बनाते समय लोग डिजाइन, रंग और आधुनिक सुविधाओं पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं लेकिन घर के प्रवेश द्वार यानी मेन गेट को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. वास्तु शास्त्र में मेन गेट को सिर्फ एक दरवाजा नहीं बल्कि घर की आत्मा माना गया है. यही वह जगह है, जहां से हर दिन ऊर्जा, सोच और माहौल घर के अंदर प्रवेश करता है. अगर यह सही जगह और सही दिशा में हो तो जीवन में सुख-शांति अपने आप बनी रहती है, लेकिन अगर इसमें गड़बड़ी हो जाए तो बिना वजह परेशानियां जीवन में जगह बनाने लगती हैं.

कुछ लोगों का मानना है कि दक्षिण दिशा अशुभ होती है या उत्तर दिशा हमेशा शुभ होती है, लेकिन यह अधूरी जानकारी है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, हर दिशा के भीतर कई छोटे-छोटे हिस्से होते हैं, जिन्हें पद या ग्रिड कहा जाता है. मुख्य द्वार अगर सही पद पर बना हो तो वही दिशा शुभ फल देती है और अगर गलत पद पर हो तो अच्छी मानी जाने वाली दिशा भी परेशानी का कारण बन सकती है.

दक्षिण दिशा को लेकर सबसे ज्यादा भ्रम फैला हुआ है. बहुत से लोग मानते हैं कि दक्षिण मुखी घर में रहने से नुकसान होता है, लेकिन वास्तु शास्त्र इस सोच को पूरी तरह गलत मानता है. दक्षिण दिशा को ऊर्जा, स्थिरता और अनुशासन की दिशा कहा गया है. अगर इस दिशा में प्रवेश द्वार सही स्थान पर बना हो तो ऐसा घर व्यक्ति को धन, प्रतिष्ठा और समाज में सम्मान तक दिला सकता है. कई सफल और प्रभावशाली लोग दक्षिण मुखी घरों में रहते हैं. परेशानी तब आती है, जब यह द्वार गलत पद पर बना हो. तब वही घर मानसिक तनाव और आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है.

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पूर्व दिशा को सूरज की दिशा कहा जाता है. सूरज जैसे पूरी दुनिया को रोशनी देता है. वैसे ही पूर्व दिशा में बना सही प्रवेश द्वार घर में नई ऊर्जा भर देता है. इस दिशा का द्वार बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और विचार पर अच्छा असर डालता है. घर में सकारात्मक माहौल बना रहता है और लोग खुद को ज्यादा सक्रिय और आत्मविश्वासी महसूस करते हैं. अगर यही द्वार पूर्व दिशा में गलत स्थान पर बन जाए तो आलस्य और अस्थिरता भी बढ़ सकती है.

उत्तर दिशा को धन और अवसरों की दिशा माना गया है. वास्तु के अनुसार, यह कुबेर की दिशा है. इस दिशा में सही पद पर बना मुख्य द्वार घर में आय के नए रास्ते खोल सकता है. नौकरी, व्यापार और करियर से जुड़े मामलों में लाभ मिलता है. घर में पैसों की आवाजाही बनी रहती है लेकिन अगर उत्तर दिशा का द्वार गलत स्थान पर हो तो खर्च बढ़ सकता है और मेहनत के बावजूद परिणाम कमजोर मिल सकते हैं.

मेन गेट की दिशा के साथ-साथ उसकी बनावट भी उतनी ही जरूरी होती है. वास्तु शास्त्र कहता है कि प्रवेश द्वार मजबूत, साफ और सुंदर होना चाहिए. टूटा हुआ, चरमराता या गंदा दरवाजा नकारात्मक ऊर्जा को न्योता देता है. मुख्य द्वार घर के बाकी दरवाजों से थोड़ा बड़ा होना शुभ माना गया है, ताकि सकारात्मक ऊर्जा बिना रुकावट अंदर आ सके. द्वार के सामने अंधेरा, कूड़ा, शौचालय या भारी चीजें होना अच्छा नहीं माना जाता, क्योंकि इससे ऊर्जा का प्रवाह रुक जाता है.

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घर का दरवाजा तय करता है किस्मत व धन, वास्तु की ये गलती बढ़ा सकती हैं परेशानी

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